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अफसरों को याद आई, नवरात्रि शुरू हो गई, आयोजकों के साथ बैठक करनी है
{शहर में 200 जगह बैठाई जाती हैं मां दुर्गा, सजाई जाती हैं झांकियां
भास्करन्यूज | बिलासपुर
उत्सवप्रेमी हमारे शहर में नवरात्रि पर करीब 200 जगह आयोजन होते हैं। न्यायधानी के विकास के लिए जिम्मेदार सरकारी एजेंसियों ने पुरानी तो दूर नई बसाहट में भी सामाजिक आयोजनों के लिए जगह नहीं छुड़वाई। ऐसे में आज अधिकतर उत्सव और जलसे सड़कों के किनारे या चौक-चौराहों पर हो रहे हैं। नतीजा जगह-जगह ट्रैफिक जाम होता है। लोग परेशान होते हैं लेकिन तो पुलिस और ही प्रशासन को कोई लेना-देना है।
आला अफसरों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आयोजन से पहले समितियों, मंडलों के साथ एक बार भी बैठक नहीं हुई। जब इस गलती का अहसास हुआ तो नवरात्रि के पहले दिन बैठक बुलाई गई। वह भी बाकी आठ दिनों में व्यवस्था कायम करने के लिए या लोगों को परेशानी से बचाने के लिए नहीं, विसर्जन के लिए। जब भास्कर ने जिम्मेदारों से इस लापरवाही पर बात की तो वे कहने लगे, तो क्या हुआ, कल व्यवस्था के लिए बैठक कर लेंगे। वह तो शुक्र है कि आयोजन समितियाें को इसका अहसास है। ऐसे में वे खुद ही वॉलेंटियर और सुरक्षा गार्ड रखकर, नागरिकों को कुछ हद तक राहत दिलवा रही हैं।
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ये कारगर कदम हो सकते हैं
{शाम7 से रात 12 बजे सत्यम टाॅकीज से आने-जाने वाले चारपहिया वाहनों को डायवर्ट कर दिया जाए।
{ईदगाह चौक के पास पार्किंग की व्यवस्था हो। इधर जूनी लाइन से आने वाले वाहनों को रोक दिया जाए।
{सदर बाजार से खपरगंज स्कूल होते हुए आने वाली गाड़ियाें को खपरगंज स्कूल में पार्किंग दी जाए।
ये कारगर कदम हो सकते हैं
{आपकोयहां का दुर्गोत्सव देखना है तो गाड़ियां अस्थायी पार्किंग में छोड़कर पैदल जाना होगा। ई. राघवेंद्र राव सभा भवन मिशन हाॅस्पिटल रोड पर वाहन रखे जा सकते हैं।
{शहर में झांकियां देखने लोग अक्सर कार या बाइक से आते हैं। इससे ही जाम की स्थिति बनती है।
इन क्षेत्रों में जाम का शिकार हो सकते हैं
मध्यनगरी चौक हो या अन्य क्षेत्र की सड़कों और मुख्य चौक-चौराहों पर आयोजन होते हैं। व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस कहीं नहीं दिखती।
आज हमने विसर्जन के संबंध में बैठक रखी थी
जेआर ठाकुर, ट्रैफिकप्रभारी एएसपी ग्रामीण
शहर में दुर्गोत्सव शुरू हो रहा है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने आयोजन समितियों की बैठक भी नहीं बुलाई, इस