पहले तालाब के सौंदर्यीकरण में करोड़ों डुबाए, अब फिर से बजट भेजने की तैयारी
डीपूपारा ताल में 1 करोड़ खर्च के बाद पानी गंदा
5 करोड़ का धोबीघाट बदहाल
इधर, मरम्मत का अभाव है।
अरपा पार बंधवापारा तालाब में पसरी अव्यवस्था(
यह है नवीन सरोवर धरोहर योजना
केस 3
जोरापारा तालाब को जलकुंभियों ने घेरा
अरपा पार जोरापारा में निस्तारी तालाब है। इसके सौंदर्यीकरण के लिए 8 साल पहले 30 लाख रुपए खर्च किए गए। सौंदर्यीकरण के बाद देखरेख के अभाव में तालाब की हालत बिगड़ चुकी है। सफाई के अभाव में जलकुंभियों का फैलाव हो चुका है। निस्तार के लिए पहुंचने वालों को गंदगी का सामना करना पड़ता है।
राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) रायपुर ने पुरानी योजना को परिवर्तित कर नवीन सरोवर धरोहर योजना लागू की है। इसके क्रियान्वयन के लिए सूडा ने 3 किश्तों में 100 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है। पहले चरण में तालाब की सफाई, खुदाई व डी वाटरिंग के लिए 3 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से तालाब के क्षेत्रफल के आधार पर राशि दी जाएगी। योजना में महंगी लाइटों के स्थान पर सोलर उपकरण, एलईडी लाइटें लगाने जैसे सुधार के उपाय किए गए हैं, परंतु सौंदर्यीकरण के बाद रखरखाव व सुरक्षा की स्थाई व्यवस्था नहीं की गई है।
तालाबों का मेंटेनेंस का निकाय को सौंपी जिम्मेदारी
तालाबों के उन्नयन की नई योजना में निर्माण कार्यों की सुरक्षा व देखरेख के प्रावधान किए जा सकते हैं। वैसे भी यह निकाय की जिम्मेदारी है। रिपेयरिंग के लिए नगरीय प्रशासन विभाग की ओर से निकायों को हर साल राशि दी जाती है। इसका इस्तेमाल वे यदि रिपेयरिंग के बजाय नए निर्माण कार्यों के लिए करते होंगे तो ऐसा नहीं होना चाहिए।’’ धनेंद्र, ओएसडी, नगरीय प्रशासन विभाग
केस 2
केस 1
तारबाहर के डीपूपारा तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए वर्ष 2007-08 में एक करोड़ रुपए खर्च किए गए। ट्यूबवेल के जरिए तालाब में साफ पानी भरा गया। आकर्षक फाउंटेन लगाए गए। तालाब के बीच तक पहुंचने के लिए पुल बनाया गया। किनारे पौधे लगाए गए। लोगों के बैठने के लिए कुर्सियां बनाई गई। स्थानीय मंत्री अमर अग्रवाल ने इसका लोकार्पण किया। अब तालाब का पानी गंदा हो चुका है। सौंदर्यीकरण टूट-फूट चुके हैं। हालत देख कर कोई भी नहीं कह सकता कि तालाब के उन्नयन पर कभी एक करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।
बंधवापारा में शहर का सबसे बड़ा तालाब है। 54 एकड़ में फैले इस तालाब के उन्नयन के लिए नगर निगम ने सरोवर धरोहर योजना के अंतर्गत करीब 5 करोड़ रुपए खर्च किए। मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह के हाथों वर्ष 2013 में इसका लोकार्पण कराया गया। तालाब के इर्द गिर्द हरियाली और लाइटों की चकाचौंध देखकर सीएम ने अच्छे पिकनिक स्पॉट के रूप में इसकी सराहना की। वर्तमान में तालाब के रिटेनिंग वाॅल, टाइल्स टूट फूट रहे हैं। अधिकांश लाइटें गायब हो चुकीं हैं। देखरेख के अभाव में लोग तालाब परिसर का इस्तेमाल वाहनों की पार्किंग के लिए कर रहे हैं।