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कॉलेज के छात्रों की दिक्कत बरकरार, भटकने की नौबत

5 वर्ष पहले
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बिलासपुर यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रबंधन बीएड कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट की दिक्कतों की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके कारण उनकी परेशानी यथावत है। नए सत्र में सिलेबस के बदलाव के बाद उन्हें मार्केट और लाइब्रेरी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, पर इसकी सही जानकारी देने वाला कोई नहीं है। कॉलेज प्रबंधन एचओडी तो एचओडी दूसरे टीचर्स को जिम्मेदार बताते हैं, जिससे यह तकलीफ सामने आ गई है। इधर, बिलासपुर यूनिवर्सिटी प्रबंधन का तर्क है कि उन्होंने समस्या जानने के लिए वर्कशाॅप कराया है। कॉलेजों से इसके संदर्भ में जानकारी भी मांगी गई, पर उन्होंने ऐसा कुछ नहीं बताया। यही वजह है कि समस्या बरकरार है।

डीबी स्टार टीम ने खबर में बताया था कि प्रदेश के अलावा जिले के 38 कॉलेजों में दिक्कत की वजह यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के बीच कम्यूनिकेशन गेप है। दरअसल, कई कॉलेजोें में बीएड के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। इसके अलावा एनसीटी के नार्मस के मुताबिक सुविधाओं का अभाव है। यही वजह है कि कॉलेज प्रबंधन अपनी गड़बड़ी छिपाने के लिए यूनिवर्सिटी के जिम्मेदार अधिकारियों तक स्टूडेंट की बात नहीं पहुंचा रहे हैं। कुलपति डाॅ. गौरीदत्त शर्मा की मानें तो उन्होंने कायर्शाला का आयोजन कर सभी कॉलेजों के एचओडी और प्राध्यपकों को बुलाकर उनकी समस्या पूछी है, पर कई महाविद्यालय ने इससे उन्हें अवगत नहीं कराया है। दूसरा पहलू यह भी कि सिलेबस बदलने के बाद इसकी पुस्तक मार्केट में उपलब्ध नहीं हो रही है। जानकारों का कहना है कि पुस्तक लिखने का काम प्राध्यापक करते हैं, इसलिए इस प्रक्रिया में सालभर का वक्त और लग सकता है। स्टूडेंट को इसके लिए लाइब्रेरी में पुरानी पुस्तक के आधार पर पढ़ाई करनी पड़ेगी। छह सबजेक्ट में उन्हें पांच विषयों की जानकारी कॉलेज के टीचर, लाइब्रेरी और इंटरनेट के जरिए मिल सकती है, लेकिन पाठ्यक्रम में जुड़े नए सबजेक्ट के लिए उन्हें इंतजार करना पड़ेगा। इधर, स्टूडेट कॉलेजों में एचओडी और शिक्षकों से पूछकर थक चुके हैं कि उन्हें इसका ज्ञान कहां मिलेगा। इसके कारण विवाद की स्थिति निर्मित हो चुकी है। कुछेक ने इसकी शिकायत कॉलेज के चेयरमैन, प्राचार्य और दूसरे अधिकारियों से की है, पर समस्या का समाधान आठ महीने बाद नहीं निकाला जा सका है। इसके कारण छात्रों में भटकने की स्थिति है। उन्होंने कलेक्टर से इसकी शिकायत करने का मन बनाया है। इधर, जानकारी के बावजूद यूनिविर्सिटी और कॉलेज प्रबंधन अव्यवस्था सुधारने की पहल नहीं कर रहा है।

यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के बीच तालमेल का अभाव
बिलासपुर यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में अधिकारियों के बीच कम्यूनिकेशन का गेप होना इसकी मुख्य वजह है। इसके कारण छात्रों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। उन्हें भटकना पड़ रहा है।

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