मोर बाबा गा
बाबा गा तोला गाढ़-गाढ़ा हे जोहार,
सतनाम के तो तैही हा बगराय गियान।
सादा चोल हे तोर पहिचान गा,
जेन पहिने तेन होगे महान गा।
तोला गाढ़-गाढ़ा हे जोहार गा।।।।
घर दुवारी म गाढ़े तोर स्वेत खाम गा,
जेला देख सबे झन करे परनाम गा।
छत्तीसगढ़ के तो गिरोध ला गा,
तय हा बनाय अपन गियान के धाम गा।
तोल सत-सत हे परनाम गा ।।।
चारो जुग म हे तोरे पहिचान गा बाबा,
मय हा तो सुमिरव तोरे ही नाव गा।
जोति-जोति जाथौ ओती देखथौ,
मय हा तो तोरे नाव के कमाल गा।
तोल सत-सत हे परनाम गा ।।।
तोर नाव ले ता मोर नाव जुढ़े हे,
सबो डहर होथे मोर पहिचान गा।
तोला गाढ़-गाढ़ा हे जोहार गा।।।।
बगराय गियान