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टोटका के चक्कर

5 वर्ष पहले
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जेन मइनखे हर आही जी

अपन तन मन धन ल ओहा

फोक्कट म संगी गंवाही जी.......

जादू टोना भरम भर आय

काबर मनखे पाछु म जाय

बेरा अऊ पईसा ऐमा लुटाके

बाद म फेर अड़बड़ पछताय

आधुनिकता बढ़गे आज बहुत

अऊ कब समझ म आही जी......

भावी पीढ़ी जागरुक करा

झूठ-मूठ ल बगरावा झन

कानून घलऊ ह नकारथे

अब तो तुमन ठगावा झन

सरधा भकती के नांव झन देवा

अंधियारी हो जाही जी......

ढकोसला म धन कमावत हे

चोचला समाज म फईलावत हे

बच के रहव अईसे लबरा ले

ठग के जे बड़ मुचमुचावत हे

अइसने ठगावत रहिबो

ता खार कुरिया ह बेचाही जी..........।

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