टोटका के चक्कर
जेन मइनखे हर आही जी
अपन तन मन धन ल ओहा
फोक्कट म संगी गंवाही जी.......
जादू टोना भरम भर आय
काबर मनखे पाछु म जाय
बेरा अऊ पईसा ऐमा लुटाके
बाद म फेर अड़बड़ पछताय
आधुनिकता बढ़गे आज बहुत
अऊ कब समझ म आही जी......
भावी पीढ़ी जागरुक करा
झूठ-मूठ ल बगरावा झन
कानून घलऊ ह नकारथे
अब तो तुमन ठगावा झन
सरधा भकती के नांव झन देवा
अंधियारी हो जाही जी......
ढकोसला म धन कमावत हे
चोचला समाज म फईलावत हे
बच के रहव अईसे लबरा ले
ठग के जे बड़ मुचमुचावत हे
अइसने ठगावत रहिबो
ता खार कुरिया ह बेचाही जी..........।