दिल का छेद बड़ा था, बंद करने छोटा बटन डाला, लीक हुआ तो तुरंत निकाला
रायपुर| अंबेडकर अस्पताल में दिल के छेद को बटन लगाकर बंद करने के ऑपरेशन मंगलवार को अचानक कैंसिल किए गए। पहली सर्जरी के दौरान नस के माध्यम से बटन डिवाइस दिल के छेद तक पहुंचाया गया। उसे फीट करने के दौरान पता चला कि बटन का साइज इतना छोटा है कि उससे छेद बंद नहीं हो रहा है। आनन-फानन में पूरा डिवाइस को वापस निकालकर पूरा प्रोसेस वहीं रोक दिया गया। उसके बाद बाकी ऑपरेशन टाल दिए गए। अब मार्च में उनकी सर्जरी की जाएगी। पड़ताल में पता चला कि अस्पताल प्रबंधन के पास मरीजों के छेद की साइज का बटननुमा डिवाइस ही नहीं था। उसी समय दूसरा बड़ी साइज का डिवाइस मंगवाना संभवना नहीं था। इस वजह से डाक्टरों के पास ऑपरेशन कैंसिल करने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं था। अब इन मरीजों के ऑपरेशन मार्च में किए जाएंगे। अंबेडकर अस्पताल के कैथलैब ओटी में मंगलवार को तीन मरीजों के दिल का छेद बंद करने के लिए निशुल्क सर्जरी की जानी थी। ऑपरेशन के पहले की गई जांच में बसना के किशोर और बिलासपुर की महिला को ऑपरेशन के लिए फीट पाया गया। दोनों में पहले किशोर को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया। चंडीगढ़ के विशेषज्ञ डाॅ. मनोज रोहित और अंबेडकर अस्पताल के हार्ट स्पेशलिस्ट डाॅ. स्मित श्रीवास्तव ने सर्जरी शुरू की।