आईएएस के अपहरण मामले में आरोपियों को एक साल की सजा
नागालैंड के आईएएस का बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास हुए अपहरण के मामले में आरोपियों को 1-1 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। मामले की सुनवाई प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश गीता नेवारे के कोर्ट में हुई।
नागालैंड के आईएएस अधिकारी वी. शशांक शेखर का 8 नवंबर 2008 को बिलासपुर में अपहरण कर लिया गया था। वे वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव हैं। वे गीतांजलि एक्सप्रेस में नागपुर से राउरकेला के लिए यात्रा कर रहे थे। इस दौरान बर्थ के लिए रायपुर सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पंचशील नगर के रहने वाले गौरव वाधवानी 26वर्ष, सुरेश भोगुल 29वर्ष, दीपक विधानी 19वर्ष व काशीराम से विवाद हो गया। उन्होंने बिलासपुर से उनका अपहरण कर लिया। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से कहा गया कि अधिकारी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रेलवे पुलिस की मदद से उन्हें राउरकेला ले जा रहा था। तभी बिलासपुर रेलवे स्टेशन में वे चेन पुलिंग कर उतर गए। उनका पीछा करते हुए अधिकारी भी ट्रेन से उतर गया और पुलिस बुलाकर उन्हें उनके हवाले करते हुए खुद के अपहरण का मामला दर्ज करा दिया। मामले में लंबी बहस के बाद मंगलवार को फैसला आया। कोर्ट ने गौरव वाधवानी, सुरेश भोगुल व दीपक विधानी को 1-1 वर्ष कारावास और 1-1 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी है, जबकि एक आरोपी बरी हो गया।