फेसिंग तार में फंसे चीतल की मौत
कका पहाड़ के पास एक्स निजी फार्म के फेंसिग तार में फंसकर दो साल के नर चीतल की मौत हो गई। पीएम के बाद वन अमले ने चीतल के शव को जला दिया है।
छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के कक्ष क्रमांक 2013 के तहत आने वाले जमुनाही बीट के अंतर्गत कका पहाड़ के पास बिलासपुर निवासी पवन अग्रवाल का फार्म है। इसके फेंसिग तार में शनिवार की अलसुबह करीब 5 बजे एक चीतल फंस गया। वन विभाग के डिप्टी रेंजर केपी कैवर्त के मुताबिक दो साल के नर चीतल को कुछ कुत्ते दौड़ा रहे थे। जान बचाने की फिराक में चीतल फेंसिग तार के उपर कूद पड़ा। इसमें वह उलझ गया और उसकी मौत हो गई। मौके पर पहुंचे वन अमले ने चीतल के शव का पंचनामा कर डॉ.चंदन त्रिपाठी से पीएम कराया। इसके बाद शाम को चीतल के शव को जला दिया गया।
कका पहाड़ के पास फेसिंग तार में फंसने के कारण मृत चीतल।
8 घंटे विलंब से पहुंचा वन अमला
वन्य जीवों को मौत पर वन अमला कितना गंभीर है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चीतल की मौत होने के आठ घंटे बाद वन अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुबह छह बजे एकचौकीदार ने घटना की जानकारी वन अधिकारियों को दे दी थी। पर अधिकारी दोपहर 2 बजे पहुंचे और जरुरी औपचारिकताएं पूरी की।
शव को 10 फीट घसीटा गया
विभाग के चौकीदार सहित कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चीतल का शव फेंसिग तार में फंसने के बाद फार्म के अंदर गिर गया था। इसे बाहर फेंकने के लिए फार्म में कार्यरत मजदूरों ने करीब 10 फीट तक घसीटा था। पर तार अधिक उंचा होने के कारण चीतल के शव को वे बाहर नहीं फेंक सके।