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झांसी डिवीजन से मांगी सर्टिफिकेट की रिपोर्ट

5 वर्ष पहले
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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने झांसी मंडल से वह रिपोर्ट मांगी है, जिसमें छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के पेंट्रीकार में काम कर रहे 28 वेंडरों से फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जब्त हुए थे। जोनल रेलवे ने सेंट्रल हास्पिटल से भी वेरिफिकेशन की रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने पर जालसाजी करने के लिए कैटरर्स के खिलाफ एफआईआर करने की बात कही जा रही है। दैनिक भास्कर ने पूरे मामले का खुलासा 9 फरवरी के अंक में किया था। इसमें बताया गया था कि झांसी डिवीजन के मुरैना स्टेशन के चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर ने छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के पेंट्रीकार में 28 ऐसे वेंडरों को पकड़ा, जो फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ सफर कर रहे थे।

ये हैं छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के वेंडर, जिनके प्रमाण पत्र फर्जी
छोटू मिश्रा, अशोक कुमार, अमित सिंग, जगजीवन, रौनक सिंग, सुदामा कुमार, रवि कुशवाहा, विनोद सिंग, राम सेवक, चंद्रप्रकाश, राहुल शर्मा, अमन कुशवाहा, अशोक सिंग, विक्रम सिंग, राजीव, मनोज, चमन सिंग, संदीप, राहुल, खुशीलाल, सुनील सिंह, सुखलाल, धीरज, कुलदीप, प्रदीप, मुकेश, मनीष और कुलदीप।

डिप्टी सीसीएम पहुंचे स्टेशन
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के पेंट्रीकार में मौजूद वेंडरों के सर्टिफिकेट की हकीकत जानने डिप्टी सीसीएम केवी रमना रेलवे स्टेशन पहुंचे। मंगलवार दोपहर उन्होंने अपनी टीम के साथ अमृतसर से बिलासपुर आने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की पेंट्रीकार की जांच की। मैनेजर से लेकर एक-एक वेंडर के सर्टिफिकेट चेक किए गए। इसके बाद वे बिलासपुर से अमृतसर के लिए छूटने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस भी पहुंचे। यहां भी जांच हुई। चूंकि फर्जीवाड़ा जनवरी में पकड़ी गई है। लिहाजा, मंगलवार को सबकुछ ठीक मिला। पेंट्रीकार के मैनेजरों ने पूरे मामले में अनभिज्ञता जताई।




मंगलवार को छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में वेंडरों के सर्टिफिकेट की जांच करते डिप्टी सीसीएम।

ली सुध
9 फरवरी को प्रकाशित खबर।

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