सालभर में नहीं बना थर्ड जेंडर के लिए प्रमाण पत्र
जिले में 788 थर्ड जेंडर हैं, लेकिन सालभर में भी इनका पहचान पत्र नहीं बन सका है। समाज कल्याण विभाग का कहना है कि जिला अस्पताल में अभी प्रमाण पत्र बनाने का काम जारी है।
थर्ड जेंडरों को पहचान प्रमाण पत्र देने के लिए समाज कल्याण विभाग हर साल सर्वे करता है, लेकिन अभी तक थर्ड जेंडर का प्रमाण पत्र नहीं बन सका है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नई गाइड लाइन के कारण यह काम अटका था। इसके लिए संचालक को भी पत्र लिखा गया था। जिला अस्पताल में अभी प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग को सर्वे में इस साल गौरेला, पेंड्रा और मरवाही को छोड़कर 788 थर्ड जेंडर मिले हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ट्राइबल क्षेत्र से अभी इनका कोई रिकार्ड नहीं आया है। इन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने आैर कौशल विकास के तहत ट्रेनिंग देने की याेजना है, लेकिन दोनों ही योजनाओं पर अमल नहीं हो पा रहा है। इन्हें विभागीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
कोटा - 46
बिल्हा- 336
तखतपुर- 216
मस्तूरी- 190
कहां, कितने थर्ड जेंडर
बिल्हा विकासखंड में सबसे अधिक थर्ड जेंडर
जिले में सबसे अधिक थर्ड जेंडर 336 बिल्हा विकासखंड में मिले हैं। सबसे कम कोटा में 46 पाए गए हैं।
जिला अस्पताल में जारी होगा प्रमाण पत्र
थर्ड जेंडर को जिला अस्पताल से प्रमाण पत्र जारी होगा। कौशल विकास के लिए ट्रेनिंग भी देने की योजना है। -रवि कुंभकार, परिवीक्षाधिकारी, समाज कल्याण विभाग