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यूनिफार्म में नहीं मिले तो कार्रवाई

5 वर्ष पहले
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पब्लिक डीलिंग वाले रेलवे कर्मचारी, अधिकारियों के सिविल ड्रेस में ड्यूटी करने पर रेल मंत्रालय ने खासी नाराजगी जाहिर की है। सभी महाप्रबंधकों को भेजे गए पत्र में इस पर तत्काल रोक लगाने और मनमानी करने वाले कर्मचारियों को कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है। रेल मंत्रालय की मंशा यही है कि यात्री और आम लोगों को संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को पहचानने में परेशानी न हो।

रेलवे बोर्ड को शिकायत मिली थी कि आम यात्रियों से सीधा संवाद करने वाले टीटीई, बुकिंग क्लर्क, इंक्वायरी क्लर्क, पार्सल सुपरवाइजर जैसे कर्मचारी सिविल ड्रेस में आफिस पहुंचते हैं। इसके चलते आम यात्रियाें को संबंधित व्यक्ति तक पहुंचने में परेशानी होती है। रेलवे बोर्ड ने याद दिलाई है कि पब्लिक डीलिंग वाले अधिकारी-कर्मचारी को यूनिफार्म में रहने का आदेश पहले भी जारी किया गया है, जिसकी अनदेखी हो रही है। महाप्रबंधकों को व्यवस्था सुनिश्चित करने और निर्देश नहीं मानने वालों पर सीधे कार्रवाई करने को कहा गया है। रेलवे बोर्ड के पत्र के आधार पर डिप्टी सीसीएम केवी रमना ने तीनों डिवीजनों के सीनियर कमर्शियल मैनेजर को मॉनिटरिंग करने और कार्रवाई करने पत्र लिखा है।

ये हैं पब्लिक डीलिंग कर्मचारी

कंडक्टर, टीटीई, हेड टीटीई, रिजर्वेशन सुपरवाइजर, रिजर्वेशन क्लर्क, इंक्वायरी क्लर्क, बुकिंग सुपरवाइजर, पार्सल सुपरवाइजर, पार्सल क्लर्क, गुड्स सुपरवाइजर, डिप्टी एसएस कमर्शियल।

टिकट चेकिंग स्टाफ के लिए आईडी जरूरी
ट्रेनों में निरीक्षण करने वाली टीम के सदस्यों को यूनिफार्म में रहने से छूट मिली है। ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों के लिए आईडी प्रूफ को अनिवार्य किया गया है। टिकट जांच के दौरान कोई यात्री पहचान मांगे तो अधिकारी-कर्मचारियों को आईडी प्रूफ दिखाना होगा।

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