बिना पावती भी जान सकेंगे अपना आधार नंबर
आधार नंबर रजिस्टर्ड कराने के बाद यदि आपकी पावती खो गई और कार्ड भी घर तक नहीं पहुंचा है तो टेंशन की कोई बात नहीं। बिना पावती भी आप अपना आधार नंबर जान सकेंगे। यह सब होगा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की नई योजना से। दरअसल, रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी हजारों लोगों को आधार नंबर नहीं मिलने की शिकायतें यूआईडीएआई तक पहुंच गई है। उन्होंने इस समस्या का हल निकालने के लिए ऐसे जिलों के अफसरों को यूजर आईडी और पासवर्ड देने की तैयारी कर ली है। इससे रजिस्ट्रेशन कराने वालों का आधार नंबर पता चल जाएगा।
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि आधार नंबर के लिए राज्य के 95 फीसदी लोगों का रजिस्ट्रेशन कर 90 फीसदी के कार्ड यूआईडीएआई ने जारी कर दिए हैं। इस पर भरोसा करें, तब भी राज्य के 30 लाख लोगों के आधार कार्ड बने नहीं है, जबकि 15 लाख के पास पावती नहीं होने का अनुमान है। चूंकि आधार एक बार रजिस्टर्ड होने के बाद दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं होता, इसलिए लोग आधार कार्ड नहीं बनवा पा रहे हैं। लोगों से राशन, गैस, जनगणना ही नहीं, बल्कि बैंक और अन्य शासकीय योजनाओं के लिए भी आधार नंबर मांगा जा रहा है। इससे लोग परेशान हैं। इस समस्या का हल निकालने के लिए खाद्य विभाग के अधिकारियों ने यूआईडीएआई से कहा था। यही वजह है कि यूआईडीएआई ने कलेक्टरों को पत्र भेजकर ऐसे अधिकारियों की डिटेल मांगी है, जिन्हें यूजर-आईडी व पासवर्ड देना है। बिलासपुर समेत मुंगेली, जांजगीर-चांपा और सरगुजा के खाद्य, महिला एवं बाल विकास विभाग, एनआईसी, जिला पंचायत, आदिवासी विकास विभाग, जिला प्रशासन के अधिकारियों की डिटेल भेजी गई है। वहीं कुछ अन्य जिलों से डिटेल जाना बाकी है। अधिकारी जल्द ही यूजर आईडी व पासवर्ड मिलने की बात कह रहे हैं। अफसरों का कहना है कि यह व्यवस्था लागू होते ही जनता की परेशानी दूर हो जाएगी। वे संबंधित वार्ड या फिर अपने गांवों की सूची निकलवाकर अपना आधार नंबर देख सकेंगे।
ऐसे आसान होगा कार्ड मिलना: अभी एनरोलमेंट नंबर/पावती नहीं होने की वजह से लोग वेबसाइट से आधार कार्ड डाउनलोड नहीं कर पाते। अधिकारियों को यूजर आईडी और पासवर्ड मिलने से वे वेबसाइट से वार्ड वार व ग्राम पंचायतवार अपडेट लिस्ट निकालकर प्रिंट कर लेंगे और अपने कार्यालय में चस्पा कर देंगे। इससे लोगों को अपना आधार नंबर पता चल जाएगा। आधार नंबर देखकर वे किसी भी च्वाइस सेंटर में जाकर आधार कार्ड हासिल कर सकेंगे।
30 लाख का नहीं बना है आधार
यूआईडीएआई से आया था पत्र
यूआईडीएआई से पत्र आया था, जिसके आधार पर अधिकारियों की लिस्ट उनकी डिटेल के साथ भेजी गई है। जल्द ही यूजर आईडी और पासवर्ड मिलने की उम्मीद है। ऐसा हुआ तो लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। लोगों को शासकीय योजना का लाभ मिलने में कोई कठिनाई नहीं होगी।\\\'\\\' -अरविंद यादव, डीआईओ, एनआईसी
राज्य के दो करोड़ 70 लाख 14 हजार 896 लोगों का आधार कार्ड बनाया जाना है। इनमें से दो करोड़ 40 लाख लोगों के लिए आधार कार्ड जारी किया जा चुका है। वहीं करीब 30 लाख लोग के पास अभी तक आधार नंबर नहीं है। वहीं करीब 15 लाख लोगों के पास पावती नहीं है। ऐसे में समस्या गंभीर है। बिलासपुर जिले में 19 लाख लोगों के आधार नंबर बनाए जाने का सरकारी आंकड़ा, राशन कार्ड के लिए मिल रहे आधार कार्ड की संख्या से मेल नहीं खाता। यदि लोगों के पास होता तो 8 लाख लोग आधार क्यों नहीं देते।
व्यवस्था