बिलासपुर. प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में 21 फरवरी को मातृभाषा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन छत्तीसगढ़ी में ही विविध प्रतियोगिताएं होंगी। यूजीसी ने एक दिन सभी प्रदेश की यूनिवर्सिटीज को अपने-अपने राज्य की मातृभाषा का नाम करने के निर्देश दिए हैं।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी ने निर्देश आने पर कॉलेजों को 21 फरवरी को छत्तीसगढ़ी दिवस मनाने के निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि अपनी मातृभाषा के साथ दूसरी भाषाओं का आदर किया जाए। इस दिन विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाए।
दरअसल, देशभर के अलग-अलग राज्यों में विभिन्न संस्कृतियां हैं। उन संस्कृतियों के हिसाब से वहां की अपनी मातृभाषा है। निर्देश में यह भी कहा गया है कि प्रेरित करने वाली एकजुटता, सहनशीलता और सामंजस्यता के बारे में विचार रखा जाए। यह पहली बार है, जब छत्तीसगढ़ी को यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में मातृभाषा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।
यूजीसी करा रही है रिसर्च प्रोजेक्ट
यूजीसी द्वारा जहां एक ओर मातृभाषा पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसी भाषाएं जाे विलुप्त हो चुकी हैं, उन्हें सहेजा जा रहा है। इसके लिए यूनिवर्सिटी लेवल पर रिसर्च प्रोजेक्ट भी चलाया जा रहा है।
ये प्रतियोगिताएं होंगी
मातृभाषा दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें वाद-विवाद, डिबेट, सिंगिंग, इजी राइटिंग कांपिटिशन, पेंटिंग, म्यूजिक और ड्रामा परफार्मेंस, एक्जीबिशन, आॅनलाइन रिसोर्सेस गतिविधियां शामिल हैं।