लकड़ी का पुल और जोखिम भरा सफर, 60 लाख का प्रस्ताव बना पर भेजना भूले

5 वर्ष पहले
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बिलासपुर. सरकार तंत्र आम जनता की सुविधाओं पर कितना गंभीर है, इसे बिल्हा विकासखंड के ग्राम चिल्हाटी में पहुंचकर देखा जा सकता है। पिछले 20 सालों से यहां रहने वाले ग्रामीण लकड़ी के पुल पर सफर करने को मजबूर हैं। जब कभी यह टूटता है, तब वे ही इसकी मरम्मत करवाते हैं। लोग बताते हैं कि कई बार यह टूट चुका है और उनकी गंभीरता के कारण बड़ा हादसा टल भी गया है। इसके बावजूद अधिकारी इसकी मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अफसरों का कहना है कि वे सड़क और पुलिया निर्माण को लेकर बजट तैयार कर चुके हैं। जल्द इसे सरकार के पास भेजा जाएगा। आने वाले दिनों में इसके सुधरने की उम्मीद है।

डीबी स्टार टीम ने पड़ताल में पाया कि बिल्हा जनपद पंचायत के दो अफसरों ने अगस्त 2016 में यहां की दिक्कतों का जायजा लिया था। उन्होंने गांव में आंगनबाड़ी से लकड़ी के पुल तक ढाई सौ मीटर सड़क और पुलिया बनाने की योजना तैयार की। इसे कमिश्नर के अलावा कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद के अधिकारियों को भेजा गया। उन्होंने बताया कि यहां इस परेशानी के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे उनकी तकलीफ लगातार बढ़ रही है। इधर, लोगों ने अफसरों पर जानबूझकर विकास काम नहीं कराने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि यहां सड़क नहीं होने की शिकायत कलेक्टर से बीसियों बार हो चुकी है। उनसे दफ्तर जाकर दरख्वास्त की गई है, फिर भी इसकी ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बारिश के महीने में यहां घुटनों तक पानी जमा हो जाता है। कई बार स्थिति ऐसी बनती है कि लकड़ी का यह पुल बरसाती पानी में डूब जाता है और उनका गांव शहर की मुख्यधारा से कट जाता है। ये हालात कई दिनों तक रहते हैं। इसके बाद सबकुछ यथावत है।
बाइपास सड़क की बढ़ गई दूरी, पुलिया भी उखड़ चुकी है
चिल्हाटी से मोपका होते हुए बिलासपुर पहुंच मार्ग के बीच में पुलिया उखड़कर बाहर आ गया है। इससे चारपहिया वाहनों का आना-जाना बंद हो गया है। बाइक सवार लोग पुल के किनारे से होकर गड्‌ढों वाले रास्ते से जैसे तैसे यहां पहुंच आते हैं। लेकिन उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ती है। बिल्हा सीईओ के मुताबिक दोनों ही बड़ा सरकारी काम है। इसके लिए सरकार से बड़ा बजट चाहिए। इसके बाद काम शुरू हो पाएगा। उन्होंने प्रस्ताव बनाकर भेजा है। अभी उन्हें इनके निर्माण की स्वीकृति नहीं मिली है।
आरएस नायक, सीईओ, जनपद पंचायत, बिल्हा से सीधी बात
क्या कारण है कि शहर से लगे चिल्हाटी में 20 साल बाद पुल का निर्माण नहीं हो सका है?
- इसके लिए दो अधिकारियों की टीम ने गांव का निरीक्षण किया था। 60 लाख का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
ये काम तो आठ महीना पहले अगस्त महीने में किया गया है, अभी इसमें कोई इंम्प्लीमेंट नहीं किया गया है?
- नहीं, सबकुछ यथावत है।
इसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है, इसका कोई दूसरा विकल्प नहीं है?
- नहीं, हमारी सीमाएं होती हैं। छोटा मोटा काम पंचायत स्तर पर हो सकता है। बड़े काम के लिए सरकारी मंजूरी और बजट लेना जरूरी है। उन्हें राहत मिल सकती है।
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