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हादसे में नहीं, डंडे के वार से लगी थी सिर पर चोट, पुलिस कर रही जांच

7 वर्ष पहले
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बिलासपुर. किशोरी का अपहरण करने के आरोपी युवक की मौत खुदकुशी है या फिर हत्या, पुलिस जांच रही है। प्राथमिक जांच से साफ हो चुका है कि युवक के सिर पर लगी चोट हादसे में नहीं, बल्कि डंडे या भारी वस्तु की थी।

परसौंड़ी निवासी रामभरोस यादव पिता रामकुमार (24 वर्ष) की लाश 16 सितंबर की सुबह रतनपुर के पास बरगद पेड़ पर मिली थी। 15 सितंबर की रात मंगला की छात्रा ने उस पर अपहरण का आरोप लगाकर सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने किशोरी का बयान लिया और उसकी तस्दीक की तो कई सवाल खड़े हुए। इधर, पीएम करने वाले डाॅ. विजय चंदेल ने प्रकरण संवेदनशील बताया।

घटना वाले दिन किशोरी रानीगांव से सिंघरी मोड़ पर खड़ी थी। सिंघरी निवासी छोटू साहू की रतनपुर में दुकान है। रतनपुर से रानीगांव वह बस से आता है। रानीगांव बस स्टैंड के पास जितेश यादव के मकान में वह साइकिल रखता है। उस रात भी वह जितेश के घर जाने लगा। सिंघरी मोड़ पर किशोरी ने आवाज दी। इस पर वह जितेश, उसकी प|ी और बच्चे को लेकर किशोरी के पास गया। किशोरी ने जितेश के मोबाइल से पिता को काॅल किया। जितेश किशोरी को घर ले गया और छोटू गांव चला गया। इस बीच किशोरी के पिता की जितेश से दो-तीन बार बात हुई। करीब 45 मिनट बाद वह चारपहिया वाहन लेकर जितेश के घर पहुंचा अपनी बेटी को लेकर चला गया।

किशोरी के बयान पर संदेह

युवक की मौत का रहस्य जानने पुलिस ने किशोरी से पूछताछ की। उस जगह के बारे में पूछा, जहां वह बाइक से कूदी थी। पुलिस उसे लेकर मौके पर गई, लेकिन किशोरी जगह नहीं बता सकी। जिस जगह के बारे में बता रही थी वहां कई मकान हैं। रात 11 बजे तक लोगों की आवाजाही रहती है। किशोरी सिंघरी मोड़ पर आधे घंटे से खड़ी थी। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि उस जगह पर रानीगांव के दो युवक बैठे थे। उन्होंने किशोरी को नहीं देखा।
मोबाइल से मैसेज भी डिलीट किया गया

रात 8.36 बजे युवक के मोबाइल से किशोरी के मोबाइल पर खुदकुशी करने का मैसेज भेजा गया। किशोरी के अनुसार वह मोबाइल नहीं रखती। पिता के मोबाइल से बात करती थी। यह भी नहीं लगता। किशोरी के पिता के मोबाइल पर वह मैसेज नहीं था। सभी मैसेज डिलीट कर दिए गए थे।
जानकारी थी तो पतासाजी क्यों की

युवक के साथ जाने के बाद किशोरी अपनी बड़ी बहन से लगातार बात कर रही थी। दोनों उसे अपनी लोकेशन बता रहे थे। इधर, किशोरी के जाने के बाद उसके घरवाले पतासाजी कर
रहे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि जब उन्हें किशोरी के बारे में पता था तो वे पतासाजी क्यों कर रहे थे।
पीएम रिपोर्ट का ही इंतजार क्यों

युवक की लाश की स्थिति देखकर लोग उसकी मौत को संदिग्ध मान रहे हैं। इसके बाद भी पुलिस ने जांच में गंभीरता नहीं दिखाई। वह केवल पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के इंतजार में है। मामला यदि हत्या का निकला तो आरोपी भी पुलिस से दूर निकल जाएंगे।
बारिश से खून धुला क्यों नहीं

युवक के सिर पर चोट कहां से आई इसका जवाब भी नहीं है। सिर से खून बहा था। बारिश में भी वह नहीं धुला।