पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Administration Failed To Prevent Illegal Coal Business

खुलेआम हो रहा है अवैध कोयले का कारोबार, रोकने में प्रशासन नाकाम

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बिलासपुर। रायपुर कोरबा कोटा हो या मस्तूरी रोड सड़क के दोनों ओर एक नजारा आम है, वह कोयले का प्लाट। कोरबा से लेकर रायपुर और सकरी के भीतर गांवों में चल रहे 80 फीसदी कोयले के प्लाट अवैध हैं। फैक्ट्रियों या रजिस्टर्ड प्लाट के लिए जारी माल से चोरी किया गया कोयला इन प्लाटों में खपाया जाता है।
नियमों को ताक पर रखकर चल रहे प्लाट से हर अवैध कोयला बेचकर माफिया लाखों का वारा न्यारा कर रहा है। इन अवैध प्लाटों में रोज लाखों का कोयला बेचा जा रहा है। मायनिंग अधिकारी नया हो तो क्या खनिज इंस्पेक्टरों को चल रहे इन अवैध कोयले की प्लाट की पूरी जानकारी होती है और वह विभाग की आड़ में पुलिस के साथ संबंधित थानों के साथ मिलकर जमकर पैसा लूटते हैं।
इन मुख्य मार्गों से होकर हर रोज कलेक्टर और मायनिंग अधिकारी गुजरते हैं, इसके बावजूद इन कोयले के माफियाओं पर कार्रवाई नहीं होती। अवैध कोयला प्लाट का सारा खेल कोरबा की खदानों से शुरू होता है।
कोरबा, बेलतरा, रतनपुर, लखराम, गतौरी, चकरभाठा हर्िी सरगांव से लेकर रायपुर और कोटा मार्ग में सकरी के भीतर गांवों में सैकड़ों कोयले के प्लाटों का अवैध संचालित होना चल रहा है। इनमें गिने चुने ही प्लाट रजिस्टर्ड हैं।
मायनिंग आफिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के सिर्फ ६४ कोयले के प्लाट रजिस्टर्ड हैं। इन्हें विभाग की ओर से कोयले का काम करने का परमिशन दिया गया है, लेकिन आसपास के क्षेत्रों का दौरा करने से यह साफ जाहिर होता है कि वैध कोयले की दुकान और इसकी आड़ में सैकड़ों अवैध प्लाट खुल चुके हैं।
नेशनल हाइवे पर हर दूसरे दिन एक नई जगह पर तराजू और कांटा लेकर अवैध प्लाट स्थापित कर दिया जाता है। माइनिंग और पुलिस बल की मिलीभगत पर हर रोज अवैध कायले के संचालक लाखों का वारा-न्यारा कर रहा है। प्लाट के अलग से रजिस्ट्रेशन व शर्ते पूरी करनी होती है, जिसके बाद डंपिंग की अनुमति मिलती है। अवैध कारोबारी सिर्फ जमीन के मालिक को किराया देकर प्लाट में कोयला डंप करा रहे हैं।
ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी माइनिंग विभाग को नहीं इस्पेक्टरों को नहीं हो। शहर और आसपास के क्षेत्र में अवैध कोयले के प्लाट के इस खेल का पूरा संचालक इनके ही द्वारा किया जाता है।
अवैध कारोबार रोकने की मांग
नेशनल हाइवे इलाकों पर कोयले के अवैध डिपो की रोकथाम करने एनएसयूआई के पूर्व पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि खनिज विभाग द्वारा जारी नियमों को ताक पर रखकर सालों से नेशनल रोड पर धड़ल्ले से कोयले का कारोबार चल किया जा रहा है।
इस कारोबार में पर्यावरण विभाग और आरटीओ के द्वारा बनाए नियमों की अनदेखी की जा रही है। सालों से चल रहे इस अवैध कारोबार में पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है। इस अवैध कारोबार की जानकारी के बावजूद न तो पुलिस और न ही खनिज विभाग इनपर लगाम नहीं कसता। जाहिर सी बात है विभागीय गतिविधियों के कारण अवैध कोल माफिया का हौसला बढ़ता जा रहा है। ज्ञापन सौपने वालों में एनएसयूआई के पूर्व महासचिव राजू खटिक, विक्की साहू, काजू साहू, विकास ठाकुर समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
फ्लाइंग स्क्वायड किस काम की
जिला प्रशासन ने शहर और आसपास के क्षेत्र में खनिज संपदा और अवैध उत्खन्न पर अंकुश लगाने लाइंग स्क्वायड का दोबारा गठन किया है। इससे पहले करीब दो वर्ष पूर्व कमेटी बनाई गई, लेकिन महीनों बाद भी टीम ने किसी अवैध माफिया के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई। इस टीम का दोबारा गठन किया गया है, लेकिन अब तक किसी भी कोल माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।