(फोटो- बेलगहना। बच्चे इस तरह कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने काे मजबूर हैं)
बिलासपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पांच साल पहले कोनचरा से पहंदा पहुंच मार्ग बनाया गया था। बनने के छह माह बाद ही सड़क जर्जर होने लगी। अब हालात यह है कि इस मार्ग पर कीचड़ होने से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर पांच साल पहले केनचरा-पहंदा मार्ग का निर्माण कराया गया था। पर सड़क बनने के छह माह बाद ही उक्त सड़क पर गड्ढे बनने लगे। इस पर ग्रामीणों ने विभागीय अिधकारयों को निर्माण में निम्नस्तरीय सामाग्री उपयोग करने की बात कहते हुए सड़क मरम्मत कराए जाने की मांग की थी। पर इस ओर अिधकारियों ने ध्यान नहीं दिया। इसके कारण दिन ब दिन सड़क जर्जर होता गया। अब आलम यह है कि बारिश होने पर उक्त सड़क पर इतना कीचड़ हो जाता है कि चलना तक मुश्किल हो जाता है।
बच्चों का आना-जाना मुश्किल-पहंदा के मांझाभाठा प्राथमिक स्कूल के पास पच्चीस से तीस फीट रोड में सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे हैं। यहां पर लगता है ही नहीं कि कभी सड़क रही होगी। बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भरने से कीचड हो जाने पर लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे में प्राथमिक स्कूल में पड़ने वाले छोटे बच्चों को इसी कीचड़ भरे रास्ते से पैदल जाना पड़ता है। कीचड़ से होकर निकलते समय अक्सर बच्चे गिरकर घायल हो जाते हैं। वहीं उनके कपड़े भी गंदे हो जाते हैं। इसके कारण बच्चों के साथ ही उनके अिभभावक तक परेशान हैं। ग्राम मांझाभाठा के राधे लाल रात्रे, धनसाय, रामा लाल, तिलकराम, राजकुमार, रमेश कुमार, लक्ष्मीनारायण आदि ने सड़क को शीघ्र बनाए जाने की मांग की है।
कोई दूसरा मार्ग न होने से मजबूरी
पहंदा के मालिक राम घृतलहरे ने कहा बारिश में इस मार्ग पर कीचड़ होने से बच्चों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा स्कूल जाने का दूसरा रास्ता नहीं है। इसलिए में न चाहते हुए बच्चों को इसी रास्ते से भेजना पड़ता है। कई बार कीचड़ से फिसल कर बच्चे गिर चुके हैं। बड़े बच्चों को स्कूल में पहले हाथ-पैर धोना पड़ता है। काफी समय से इसे बनाने की मांग की जा रही है पर किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसलिए ग्रामीणों में रोष है। एक सप्ताह में काम शुरू नहीं होने पर एसडीएम का घेराव किया जाएगा।