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डेढ़ करोड़ का ताल उजड़ा, सब टूटे-फूटे, अब दोबारा पैसे फूंकने की तैयारी

7 वर्ष पहले
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(लोकार्पण के कुछ महीनों तक बिलासा ताल की खूबसूरती बरकरार रही और लोग यहां सैर के लिए पहुंचते रहे। देखरेख के अभाव में यह बर्बाद हो रहा है। )
बिलासपुर । कोनी रोड पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च कर बनाया गया वसुंधरा उद्यान और बिलासा ताल देखरेख के अभाव में उजाड़ हो चला है। सितंबर 2010 में मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने इसका लोकार्पण किया था। इसके बाद से शहरवासियों को शहर के बाहर एक अच्छा पिकनिक स्पाॅट मिल गया था। आम लोग परिवार सहित यहां पहुंचने लगे, लेकिन देखरेख न होने और असामाजिक तत्वों के जमावड़े से पिछले चार सालों में इसकी दुर्दशा हो गई।
अब उजड़े हुए उद्यान और बिलासा ताल को नए सिरे से संवारने के लिए दो करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है। कोनी रोड में वसुंधरा उद्यान, बिलासा ताल की योजना तत्कालीन कलेक्टर सोनमणि बोरा के कार्यकाल में बनी थी। उद्यान की देखरेख का जिम्मा बिलासपुर वन मंडल को दिया गया। फंड व अमले के अभाव में काफी शॉप, दुकानें, वुडन ब्रिज, बच्चों को आकर्षित करने के लिए काॅन्क्रीट के विशालकाय डायनोसोर... सब-कुछ टूट-फूट गए।
गार्डन की दुर्दशा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब यहां प्रतिदिन 50-60 लोग ही पहुंचते हैं। इनमें ज्यादातर यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स होते हैं। सुविधाओं के अभाव में लोग परिवार सहित यहां आना पसंद नहीं करते। यही वजह है कि सैलानियों की संख्या घटती जा रही है। संभागायुक्त बोरा ने इसे दोबारा संवारने के लिए पहल की है।