बिलासपुर. बिलासपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए पहल शुरू हो गई है। बिलासपुर और कोरबा को स्लम फ्री सिटी बनाने की योजना को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय (हूपा) ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए दोनों शहरों की 6200 करोड़ की योजना को एप्रूव किया। यहां राजीव आवास योजना (रे) के तहत पक्के मकान बनाए जाएंगे। केंद्र से बतौर अनुदान 75 फीसदी राशि मिलेगी। अकेले बिलासपुर से 131 स्लम बस्तियों का विस्थापन कर यहां के लोगों को नए मकानों में शिफ्ट किया जाएगा।
बिलासपुर को स्लम फ्री सिटी बनाने के लिए पिछले तीन वर्षों से लगातार कवायद चल रही थी। केंद्र में सत्ता बदलने के बाद बिलासपुर व कोरबा के प्रस्तावों को तवज्जो मिली और दिनभर की कवायद के बाद शुक्रवार को इन्हें हरी झंडी दे दी गई। नगर विधायक व मंत्री अमर अग्रवाल ने पिछले साल घोषणा की थी। विभिन्न योजनाओं से 3400 आवास बन चुके हैं। राजीव आवास योजना केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसमें शहरों को झुग्गीमुक्त करने के लिए बंदोबस्त किया गया है। यह योजना 12 साल में पूरी की जानी है। बिलासपुर निगम के लिए सालभर में यह दूसरी उपलब्धि होगी। राजीव आवास योजना में शहर सीमा की 131 झुग्गी बस्तियों को विस्थापित किया जाएगा।
इससे पहले इसी योजना के अंतर्गत अशोक नगर में 35.67 करोड़ की लागत से 720 आवासों के निर्माण, मिट्टी टीला विष्णु नगर में 9.87 करोड़ की लागत से 216 तथा मिनी बस्ती (तालापारा) में 12.98 करोड़ की लागत से 456 मकानों के निर्माण के लिए पायलेट प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिल चुकी है। निगम कमिश्नर रानू साहू के मुताबिक उक्त आवासों के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि निगम ने शहर सहित पास पड़ोस के गांवों की 134 झुग्गी बस्तियों का सर्वे करवाया था। इन बस्तियों में से 3 के लिए पायलट प्रोजेक्ट पर कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा। दूसरे चरण में हूपा ने 131 झुग्गी बस्तियों की योजना को स्वीकृति प्रदान की है। इसके अंतर्गत 44 हजार आवासों का निर्माण कराया जाएगा।
पक्के मकान के साथ रोजगार के लिए ट्रेनिंग भी
स्लम फ्री सिटी के लिए राजीव आवास योजना बनाई गई है। योजना के अंतर्गत शहरों को झुग्गी मुक्त करने के लिए पक्के मकान बनाने के लिए 5 लाख से कम आबादी वाले शहरों को योजना लागत की 75 फीसदी राशि बतौर अनुदान उपलब्ध कराई जाएगी। इसके मुताबिक बिलासपुर को शेष 25 फीसदी राशि में से 15 फीसदी राशि राज्य सरकार से तथा 10 से 12 फीसदी राशि हितग्राहियों से प्राप्त की जाएगी। योजना के अंतर्गत झुग्गीवासियों को लागत की 10 फीसदी राशि किस्तों में लेकर उन्हें लेट्रिन बाथरूम युक्त दो कमरों के पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। झुग्गीवासियों को बेहतर परिवेश और पर्यावरण में जिंदगी बसर करने के लिए आवास के साथ ही साथ जीविकोपार्जन के लिए आवश्यक ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। इसी प्रकार नई कालोनियों के मेंटेनेंस और अन्य सुविधाओं के लिए राशि रखी जाएगी। योजना में झुग्गीवासियों की संख्या से 15 फीसदी अधिक आवासों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि भविष्य में नई झुग्गियां बनाने की नौबत ही न आए और उन्हें अतिरिक्त मकानों में शिफ्ट किया जा सके।
बिलासपुर को 2600, कोरबा को 3600 करोड़
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक डाॅ. रोहित यादव ने बताया, दोनों शहरों की योजनाओं पर हूपा के ज्वाॅइंट सेक्रेटरी संजीव कुमार व अन्य अफसरों से शुक्रवार को लंबी चर्चा हुई। इसके बाद झुग्गी बस्तियों की जगह रे के तहत पक्के मकान बनाने बिलासपुर के लिए 2600 करोड़ और कोरबा के लिए 3600 करोड़ की योजना को एप्रूव किया गया। बैठक में बिलासपुर निगम कमिश्नर रानू साहू व कोरबा के कमिश्नर आलोक चंद्रवंशी ने प्रेंजेंटेशन दिया।
पहले से चल रही हैं चार अलग-अलग योजनाएं
बिलासपुर शहर को झुग्गी मुक्त करने के लिए पांच साल पहले 7856 आवासों का निर्माण शुरू किया गया था। आईएचएसडीपी योजना से 6600 मकान बनाने का लक्ष्य था। 2400 आवास बांटे जा चुके हैं। शेष का निर्माण चल रहा है। वाॅम्बे आवास योजना से 400, अटल आवास से 400 और शहरी निर्धन आवास योजना से 200 आवास बनाए गए हैं।
पीएम स्वच्छता अभियान : तीन बाजारों से निकला 15 ट्रक कचरा
प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान के तहत शुक्रवार को नगर निगम द्वारा चांटीडीह, शनिचरी और बृहस्पति बाजार में विशेष सफाई की गई। चांटीडीह सब्जी बाजार, बृहस्पति व शनिचरी बाजार से 15 ट्रक कचरा व मलबा निकाला गया। सफाई में जेसीबी, ट्रैक्टर ट्राॅली के साथ 135 कर्मचारियों की तीन टीमें लगी थीं। प्रभारी कमिश्नर सुधीर गुप्ता, ईई
पीके पंचायती व हैल्थ आॅफिसर डाॅ. ओंकार शर्मा के निर्देशन में सफाई के अलावा ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव किया गया। हैल्थ आॅफिसर के मुताबिक, शनिवार को सिम्स, जिला अस्पताल व नूतन चौक सरकंडा के आस-पास विशेष अभियान चलेगा।