(फोटो- बारिश के बाद लहलहाती फसलें)
बिलासपुर। बैकुंठपुर जिले के कई इलाकों में शनिवार की सुबह जमकर बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। जिले के मनेंद्रगढ़, खड़गवांं, सोनहत, जनकपुर, केल्हारी समेत सभी ग्रामीण इलाकों में बारिश हुई है। कभी तेज कभी धीमी बारिश के कारण आज ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आवश्यक काम होने के बाद भी जिला मुख्यालय नहीं पहुंच सके। इसके कारण उन्हें परेशानी हुई। इस तरह बारिश के कारण आज नगर के सभी प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
सुबह चार से छह बजे तक झमाझम बारिश बारिश के बाद कभी तेज तो कभी धीमी बारिश होती रह। इसके कारण आज शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि शनिवार का दिन होने के कारण कई स्कूलों में बच्चों की संख्या अन्य दिनों की अपेक्षा काफी कम थी। जिससे चहल-पहल अन्य दिनों की अपेक्षा कम थी। वहीं कई विकासखंड मुख्यालयों में आसपास के ग्रामीण जो अपने जरूरी काम से यहां पहुंचते हैं वे भी बारिश की वजह से नहीं आ पाए।
किसानों के चेहरे खिले: तेज बारिश के बाद उन किसानों के चेहरे पर खुशी देखी गई जो बीते सप्ताह बारिश न होने के कारण परेशान थे। किसानों का कहना है कि अभी फसल के लिए बारिश जरूरी है। बीते कई दिनों से बारिश न होने के कारण कुछ किसानों ने बताया कि कम बारिश के कारण फसलों में कीड़े लगने लगे थे जिसकी वजह से धान की फसल को नुकसान पहुंच रहा था। अब शनिवार को हुई बारिश से उनके चेहरे खिल उठे हैं।
किसान नाउम्मीद होने लगे थे: शहर से लगे ग्राम पंचायतों के किसानों से मुलाकात की गई तो सभी ने बताया कि हम तो नाउमीद हो गए थे कि बारिश होगी भी या नहीं। लेकिन अब पुन: बारिश से खेती की अच्छी उम्मीद है। किसानों का मानना है कि अगर ऐसी ही अच्छी बारिश होती रही तो अच्छी उपज होगी। वहीं दूसरी ओर खेतों में धान के साथ खरपतवार भी तेजी से पनप रहा है। इसे नष्ट करने किसानों के परिवार की महिलाएंं लगी हुई हैं। सभी फसल को बचाने में लगे हुए हैं।
बारिश खेती के लिए संजीवनी बनी
जिले के शहरी एवं ग्रामीण ईलाकों में इन दिनों हल्की फुल्की बारिश खेती के लिए संजीवनी बनी हुई है। इसके पूर्व अच्छी बारिश हो चुकी है जिससे किसान खुश हैं और उन्हें उम्मीद है कि इस बार अच्छी फसल होगी। यहां के अधिकांश किसान धान की फसल लेते हैं और धान की फसल में समयानुसार पानी बहुत जरूरी होता है क्योंकि अभी भी जिले के अधिकांश किसान मानसूनी बारिश पर ही आश्रित हैं।
अब धूप की दरकार
बेहतर बारिश के बाद जब खेतों में पानी भरा हुआ है तो अच्छी फसल के लिएे बारिश और बदली की बजाय अब तेज धूप की आवश्यकता है। कई ग्रामीण ईलाकों में बदली छाए रहने के कारण किसान परेशान हैं। किसानों को मौसम खिलने का इंतजार है ताकि पौधे बीमारी से बचे रह सकंे। खेतों में धान के साथ खरपतवार भी तेजी से पनप रहा है, जिसे नष्ट करना भी जरूरी है। जिन गांव में अच्छी फसल हुई है वहां खेतों में निंदाई के बाद खाद डाल दी गई है जिसकी वजह से तेज धूप की जरूरत महसूस होने लगी है।
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