बिलासपुर| जीआरपी ने चार संदिग्ध लोगों को रेलवे प्लेटफाॅर्म से पकड़कर लॉकअप में डाल दिया। इनमें से एक की पत्नी उसे छुड़वाने के लिए जीआरपी पहुुंंची और ठगी का शिकार हो गई। उससे एक हजार रुपए ठगने वाले व्यक्ति को वह आरपीएफ के क्लोज सर्किट कैमरे के फुटेज में तलाशती रही, लेकिन पता नहीं चला।
रेलवे प्लेटफाॅर्म में संदिग्ध रूप से घूम रहे चार लोगों को जीआरपी ने बीती रात पकड़ा था। सभी युवक बिलासपुर के रहने वाले हैं। इनमें से सभी के परिजन जीआरपी पहुंचकर उन्हें छुड़वाने की जुगत में लगे रहे। इनमें से एक की पत्नी इसी कोशिश में जीआरपी पहुंची थी। वह जीआरपी थाने के बाद यानी स्टेशन के प्रमुख प्रवेश द्वार की ओर बैठी थी। उसी समय एक व्यक्ति उसके पास आया और कहा कि वह उसके पति को छुड़वाकर ला सकता है। इसके लिए उसे एक हजार रुपए खर्च करने पड़ेंगे। ये पैसे थाने में बैठे इंचार्ज को देना पड़ेगा।
महिला ने साथ थाने जाने की बात कही। उसने उसे बाहर ही रोक दिया और इंतजार करने के लिए कहा। वह पैसे लेकर थाने के भीतर चला गया, महिला बाहर ही बैठकर उसका इंतजार करने लगी। आधा घंटा बीतने के बाद वह उस व्यक्ति को पूछते हुए थाने के भीतर गई तो वहां उसके बारे में कोई नहीं बता पाया। उसने थाने में बैठे वर्दीधारी को आपबीती सुनाई। उसे बताया गया कि वह ठगी गई है। उसे सुझाया गया कि आरपीएफ चौकी में सीसीटीवी कैमरे की रिकाॅर्डिंग देखकर ठग को पहचान सकती है। महिला आरपीएफ पहुंची और अफसरों को वाकया बताकर रिकाॅर्डिंग दिखाने कहा। आरपीएफ पोस्ट के अफसरों ने उसकी मदद की। रिकाॅर्डिंग दिखाई, लेकिन ठग की पहचान नहीं की जा सकी। आखिरकार ठगी हुई महिला मायूस होकर लौट गई।