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मेटाडाेर पलटी, मैक्सीकेब सवार बाल-बाल बचे, विरोध में 3 घंटे तक चक्काजाम

7 वर्ष पहले
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(फोटो- सड़क पर पलटी हुई मेटाडेार। बगल से बदहाल सड़क नजर आ रही है)
बिलासपुर। पेण्ड्रा के सड़क के गड्‌ढे में चक्का फंसने से पेण्ड्रा-रतनपुर मार्ग पर शनिवार की सुबह 10 बजे मेटाडोर पलट गई। उसी समय बगल से गुजर रही मेक्सीकेब उसकी चपेट में आने से बच गई। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध में चक्काजाम कर दिया। पीडब्ल्यूडी ने गड्‌ढा ठीक कराया गया तब कहीं 3.30 घंटे बाद दोपहर 2 बजे चक्काजाम हटाया गया।

पेण्ड्रा से रतनपुर होकर बिलासपुर जाने वाले मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे आए दिन दुर्घटना हो रही है। अमरपुर में 5 सौ मीटर सड़क तो ऐसी है जिसके दोनों ओर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं कि उनसे वाहन निकाल पाना मुश्किल है। ग्रामीणों ने कई बार सड़क सुधारने की मांग की, पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ध्यान नहीं देते। इससे ग्रामीणों में रोष था।
मेटाडोर पलटने से ग्रामीण भड़क उठे
शनिवार की सुबह 10 बजे अमरपुर के पास एक बड़े से गड्‌ढे में गेहंू से लदी मेटाडोर पलट गई। उसी समय बगल से सवारी से भरी मेक्सीकेब निकल रही थी। उसके पीछे का हिस्सा मेटाडोर से दब गया। मेक्सीकेब में बैठे लोग भाग्यशाली थे कि उन्हें चोट नहीं लगी। मेटाडोर पलटने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने मेटाडोर को पलटे देखा, उन्हें पता चला कि मेक्सीकेब इसकी चपेट में आते-आते बची, कई लोग घायल हो सकते थे। तो ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने सुबह 10.30 मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। गौरतलब है कि कालेज से अमरपुर तक जर्जर सड़क के गड्ढों में पानी भरा होने से पेण्ड्रा के शासकीय कॉलेज होकर अमरपुर, बसंतपुर, कारीआम, रतनपुर को जोड़ने वाला यह मार्ग दुर्घटना का सबब बना हुआ है।
आए दिन हो रही दुर्घटना से परेशान थे ग्रामीण
आंदोलन की सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। पर वे तैयार नहीं हुए। तब नायब तहसीलदार अमित सिन्हा को जानकारी दी गई। वे पहुंचे व ग्रामीणों को समझाया। ग्रामीणों का कहना था जब तक पीडब्ल्यूडी सड़क के इन गड्ढों को पाटने का काम शुरू नहीं करेगा जाम नहीं हटाया जाएगा। तब उन्होंने ग्रामीणों के आक्रोश से पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को अवगत कराया। तब पीडब्ल्यूडी के टाइमकीपर आधा दर्जन मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचे और गड्ढे पाटने का काम शुरू हुअा। तब कहीं 3.30 घंटे बाद दोपहर 2 बजे ग्रामीणों ने आंदाेलन खत्म किया।