पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बारिश थमते ही सीवरेज की खुदाई का काम होगा तेज,पूरे 4 साल लेट चल रहा प्रोजेक्ट

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बिलासपुर । शहर का अंडरग्राउंड सीवरेज प्रोजेक्ट वर्कआॅर्डर के हिसाब से पूरे चार साल विलंब से चल रहा है। बारिश थमते ही जोन-1 ए यानी तोरवा, देवरीखुर्द इलाके का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए सिंप्लेक्स को टीम तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जोन को मिलाकर कुल 45 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी है। जाहिर है कि यह काम शासन की डेडलाइन यानी दिसंबर 2014 तक पूरा होने से रहा।

राज्य शासन ने अंडरग्राउंड सीवरेज प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए लगातार चौथी बार एक साल का एक्सटेंशन देते हुए दिसंबर 2014 तक की डेडलाइन तय की थी। लेकिन काम की ढीली रफ्तार से आशंका है कि जोन-1 ए की योजना को पूरा करने में सालभर से अधिक समय लग जाएगा। सीवरेज सेल के प्रभारी अधीक्षण अभियंता सुधीर गुप्ता ने सिंप्लेक्स के प्रोजेक्ट मैनेजर को बारिश थमते ही काम शुरू करने के लिए टीम तैयार करने कहा है।
निर्माण कार्यों के मामले में शासन के निर्देश के मुताबिक 15 सितंबर के बाद बारिश का सीजन समाप्त माना जाता है। इसके बाद ही सड़क डामरीकरण जैसे काम शुरू करवाए जाते हैं। सीवरेज सेल के प्रभारी ने सिंप्लेक्स को जोन-1 ए में 13 किमी क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने का काम तेजी से करने के लिए कहा है। इसके बाद जोन-1 बी और 1 सी में 32 किमी पाइप लाइन बिछाई जानी है। जोन-1 में कुल 210 किमी पाइप लाइन बिछाई जानी है। इसमें से 45 किमी को छोड़कर शेष काम पूरा हो गया है।

जोन 1 ए की योजना साल भर में पूरी होगी
अधीक्षण अभियंता गुप्ता ने स्वीकार किया कि जोन 1 ए के अंतर्गत सीवरेज परियोजना को शुरू करवाने में सालभर लग जाएंगे। कारण पाइप लाइन बिछाने के अतिरिक्त तोरवा रोड तथा देवरीखुर्द मोड़ पर सीवरेज पंपिंग स्टेशन के निर्माण में 6-8 महीने लग सकते हैं। यद्यपि तोरवा में पंपिंग स्टेशन का निर्माण काफी हद तक पूरा हो चुका है, परंतु देवरीखुर्द मोड़ पर पंपिंग स्टेशन के निर्माण के लिए एक निजी भू-स्वामी से नगर निगम को अदला-बदली करनी होगी। इसकी लिखा-पढ़ी में काफी वक्त लग सकता है, इसके बाद ही पंपिंग स्टेशन का निर्माण करवाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि दोनों पंपिंग स्टेशन तथा पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा होने के बाद जोन 1 ए की सीवरेज योजना शुरू की जा सकेगी। इसके अंतर्गत गांधी प्रतिमा से दोमुंहानी जहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है, तक के क्षेत्र आते हैं। इसके बाद बाकी शहर को उस्लापुर तक दो हिस्सों में बांटा गया है। इनकी योजनाएं क्रमश: पूरी की जाएंगी।