बिलासपुर. उत्कल और हीराकुंड एक्सप्रेस मध्यप्रदेश के बीना रेलवे स्टेशन नहीं जाएंगी। इन दोनों ट्रेनों को मार्च के अंतिम हफ्ते से मालखेड़ी स्टेशन से सीधे रवाना किया जाएगा। ऐसा करने से ट्रेनों को बिना इंजन बदले सीधे रवाना किया जा सकेगा। इससे दोनों ट्रेनों की टाइमिंग में 30-30 मिनट की बचत होने की उम्मीद है। मालखेड़ी बीना से महज 5 किलोमीटर दूर का रेलवे स्टेशन है, लिहाजा बीना जाने वालों को भी परेशानी नहीं होगी।
हरिद्वार-पुरी-हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस और विशाखापट्नम-अमृतसर-विशाखापट्नम हीराकुंड एक्सप्रेस बीना होते हुए आगे बढ़ती हैं। बीना जाने के कारण इन ट्रेनों के इंजन की दिशा बदली जाती है। इंजन बदलने के कारण ट्रेन बीना में 20 से 30 मिनट खड़ी रहती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए रेल प्रशासन ने दोनों ट्रेनों को बीना ले जाने के बजाय बाइपास से रवाना करने का फैसला लिया है। अब उत्कल एक्सप्रेस 25 मार्च से बीना के बजाय मालखेड़ी स्टेशन में ठहरेगी और यहीं से रवाना होगी।
इसी तरह विशाखापट्नम से छूटने वाली हीराकुंड एक्सप्रेस 24 मार्च और अमृतसर से छूटने वाली हीराकुंड एक्सप्रेस 26 मार्च से बीना नहीं जाएगी। मालखेड़ी बीना से 5 किलोमीटर पहले का रेलवे स्टेशन है। व्यवस्था में बदलाव को उसलापुर और बिलासपुर स्टेशन की स्थिति से समझा जा सकता है। कटनी रूट से दुर्ग की ओर जाने वाली ट्रेन बिलासपुर आए तो इंजन बदलने की जरूरत होती है, लेकिन इसे व्हाया उसलापुर से रवाना किया जाए तो ट्रेन सीधे रवाना होती है। बीना और मालखेड़ी रेलवे स्टेशन की स्थिति भी बिलकुल ऐसी ही है।