गौरेला. क्षेत्र की बदहाल सेवा व मंगलवार को सेनेटोिरयम में डाक्टरों की लापरवाही से हुई नीलेश श्रीवास्तव की मौत के विरोध में बुधवार को गौरेला बंद रहा। रेस्टहाउस, स्टेशन, अमरकंटक व मंगली बाजार रोड में इक्का-दुक्का को छोड़ सभी दुकानें व व्यवसाियक प्रतिष्ठान दोपहर तक बंद रहे। क्षेत्रवासी सुबह से घूम-घूमकर लोगों से दुकानें व व्यवावसायिक प्रतिष्ठान बंद करने का आग्रह करते रहे। विश्रामगृह के सामने से विधायक अमित जोगी के नेतृत्व में भीड़ गांधी चौक पहुंची। यहां विधायक ने कहा पहले स्वास्थ्य के क्षेत्र में गौरेला के सेनेटोिरयम अस्पताल की देश ही नहीं विदेशों में पहचान थी। जहां टीबी का इलाज होता था। आज क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा बदहाल है। सेनेटोिरयम में डाक्टरों की लापरवाही से युवक की मौत हो गई है। उन्होंने पूछा क्या डॉक्टरों की संवेदना मर गई है।
60 करोड़ मिलने के बाद भी ऐसी स्थिति: उन्होंने कहा राज्य शासन के बजट में हर साल गौरेला, पेण्ड्रा व मरवाही की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 60 करोड़ रुपए आ रहे हैं। पर स्वास्थ्य सेवा बदहाल है। यह रािश मरीजों को बांट दी जाए तो यह स्थिति नहीं आएगी। सुविधा न होने से मुझे भी दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज कराना पड़ा था। बिलासपुर से अनूपपुर की दूरी 180 किमी है। इस बीच ऐसा अस्पताल नहीं है जहां लोग अपना सही इलाज करा सकें। उन्होंने कहा डाॅ.
मनमोहन सिंह की सरकार के कार्यकाल में अमरकंटक में जनजातीय िवश्वविद्यालय में 5 सौ बिस्तर वाले अस्पताल की व्यवस्था की थी। इसका काम जारी है। इसके बनने से बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। उन्होंने निजी डॉक्टरों से अपील करते हुए कहा जब तक सेनेटोरियम अस्पताल के डाॅक्टर हड़ताल पर हैं वे मरीजों को 15 प्रतिशत फीस की छूट दें। उन्होंने लाेगों को विश्वास दिलाया कि ऐसा ही सहयोग मिलता रहेगा तो गौरेला को स्वास्थ्य के क्षेत्र में फिर अव्वल बनाएंगे। इस अवसर पर अशोक शर्मा, संध्या राव, सुखदेव ग्रेवाल, अनिल ताम्रकार, मंगलेश चक्रधारी, वेदकुमार तिवारी उपस्थित थे। संचालन अशोक नगाईच ने व आभार प्रदर्शन मोहम्मद शोएब ने किया। इसके बाद तहसील कार्यालय आकर क्षेत्रवािसयों ने एसडीएम सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को ज्ञापन सौंपा। इसमें गौरेला, पेण्ड्रा व मरवाही के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा ठप होने की बात कही है। नीलेश की मौत पर परिजनों को मुआवजा रािश देने की मांग की गई है। ज्ञापन की कापी मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को भी प्रेषित की गई है। स्वास्थ्य मंत्री का पुतला जलाया: विधायक के नेतृत्व में तहसील कार्यालय तिराहे पर लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का पुतला जलाया।
सीधे निकल गए कोरबा के विधायक: जब विधायक के नेतृत्व में लोग गांधी चौक पर िवरोध प्रदर्शन कर रहे थे तभी कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल की कार अमरकंटक रोड पुराना गौरेला की ओर से वहां आकर सीधे मंगली बाजार की ओर चली गई। इस दौरान कोरबा विधायक ने कार से नीचे उतरना तक मुनासिब नहीं समझा।
मितानिनें भी मिलीं: तहसील परिसर में मितािननों ने विधायक से मिलकर बताया कि उन्हें 1 साल से जननी सुरक्षा योजना की प्रोत्साहन रािश नहीं मिली है। तब वे उन्हें लेकर एसडीएम के पास पहुंचे। एसडीएम ने मितािननों को 3 माह की प्रोत्साहन रािश पंचायतों के खाते में जारी करने जनपद सीईओ को निर्देश दिया।
क्या हंगामा था मकसद: मृतक के परिजनों काे न मुआवजा मिला न कोई डाॅक्टर सस्पेंड हुआ। बिलासपुर से जिला स्वास्थ्य अिधकारी सहित 3 डाॅक्टरों की टीम आई थी। उसने भी एक माह में जांच का आश्वासन दिया। जब यही होना था तो डाॅक्टरों से अभद्रता आखिर क्यों की गई। शव सड़क पर रख चक्काजाम किया, इसके पीछे कोई और वजह थी। वरना डाॅक्टरों के साथ मीटिंग में गौरेला-पेण्ड्रा के अिधकांश कांग्रेसी नेता भी क्यों बैठे थे? इसकी जानकारी मीडिया को भी नहीं दी गई।
डाॅक्टरों ने भी जताया विरोध
भीड़ की अभद्रता से सहमे, आक्रोश से आहत डाॅक्टरों ने भी एकजुट होकर विरोध का इजहार किया। मंगलवार की घटना के बाद सेनोटोरियम व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीजों को रात में छुट्टी दे दी गई व बेड खाली करा लिए गए। प्रवेश द्वार पर ताला लगा चैनल गेट बंद कर दिया। इसलिए बुधवार को दिनभर अस्पताल में वीरानी छाई रही। स्टाफ नर्स डयूटी पर थी जो वहां भर्ती इक्का-दुक्का मरीजों की देखरेख कर रही थीं। गांवों से आए मरीज बाहर से ही लौटे। शाम को नागरिकों, स्थानीय डाॅक्टरों के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई। समझाइश पर डाक्टरों ने सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय वापस लेते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में पुन: बहाल किया।
अपील क्षेत्रवासियों की और कांग्रेसी अगुवाई
नगर बंद को लेकर मंगलवार की रात व बुधवार की सुबह किए गए अाह्वान में क्षेत्रवासी गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही काे अपीलकर्ता बताया गया। पर बंद करने से लेकर गांधी चौक के कार्यक्रम व ज्ञापन देने तक की कार्रवाई में शामिल लोगों में अिधकांश कांग्रेसी थे।
दुर्गा चौक पर जुटे कांग्रेसी
सेनेटोरियम में हुई युवक मौत से आक्रोशित नागरिकों ने पेण्ड्रा, मरवाही व कोटमी बंद कर विरोध जताया। राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की बदहाल व लचर स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने सहित इलाके में पदस्थ सरकारी डाक्टरों की निजी प्रेक्टिस पर रोक लगाने की मांग की। बुधवार की सुबह लोग दुर्गा चौक पर जुटे। रिक्शे में माइक के साथ रैली निकालकर अंचल में डॉक्टरों की कमी, बदहाल व्यवस्था, सरकारी डाक्टरों द्वारा अस्पताल की जगह निजी प्रेक्टिस करने के खिलाफ विरोध जताते हुए नारेबाजी की। मरवाही ब्लाॅक मुख्यालय व कोटमी सकोला के ग्रामीणों ने बंद को समर्थन दिया।
कांग्रेसी नेताओं ने दुर्गा चौक में सभा आयोजित की। सभी ने डाॅ. सुभद्रा पैकरा द्वारा मरीजों के साथ किए जाने वाले दुर्व्यवहार की निंदा की। साथ ही विधायक के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम से एसडीएम को ज्ञापन दिया। परिजनों व ग्रामीणों द्वारा घटना की जांच की मांग करने पर प्रशासन ने 5 डाक्टरों की टीम से पीएम कराया। इसमें डाॅ. एसके अर्गल, डाॅ. देवेंद्र पैकरा, डाॅ. एआई मिंज, डाॅ. हेमंत तंवर, डाॅ. एके
सोनी शामिल थे। स्थानीय डाक्टरों से पीएम कराने को लेकर परिजनों ने असंतोष जताया।