अफसर मॉर्निंग वॉक भूले, सुबह से शाम तक सड़कें नापते रहे

8 वर्ष पहले
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बिलासपुर. अब तक कभी-कभार सड़कों का जायजा लेने वाले अफसरों ने सेकेंड सेटरडे की छुट्टी के दिन भी फील्ड में दौड़ लगाई। पीडब्ल्यूडी के सीई एसके शर्मा व नगर निगम के एसई सुधीर गुप्ता मॉर्निंग वॉक पर नहीं गए। सुबह चाय-ब्रेकफास्ट किया और सीधे सड़कें नापने निकल पड़े। दोपहर तक दफ्तर में मीटिंग, फिर शाम तक दोबारा फील्ड पर मॉनिटरिंग। यह हाईकोर्ट की फटकार और प्रमुख सचिव की तल्खी का ही असर था। 55 दिनों में सड़कें नहीं सुधरने पर सस्पेंशन का अल्टीमेटम जो मिला है। मंगला, उसलापुर से लेकर कई सड़कों का काम एक ही दिन में देख डाला। अब यह हर रोज होगा। सीई, एसई और सिंप्लेक्स-मेनहार्ट के अफसर प्रोग्रेस देखने के लिए रोजाना स्पॉट मॉनिटरिंग करेंगे।

शुक्रवार को पीएस ने एक-एक कर दो ईई को सस्पेंड कर एसई गुप्ता को सीवरेज का और सीई शर्मा को सड़कों का ओवरऑल इंचार्ज बनाया था। गुप्ता तो शुक्रवार को सड़कों का इंस्पेक्शन करने के बाद आधी रात को घर पहुंचे। शनिवार को मॉर्निंग वॉक पर नहीं गए, सड़कें देखीं।

सुबह 10 बजे विकास भवन में इंजीनियरों की मीटिंग ली और फिर सड़कों को देखने निकल पड़े। लंच 3.30 बजे हुआ और 4 बजे फिर दफ्तर लौटे। पिछले छह सालों से रोड रेस्टोरेशन की गाड़ी पटरी से उतरी हुई है। इसे पटरी पर वापस लाने के लिए 55 दिनों का अल्टीमेटम मिला है।

पहले दौरे में फर्जी आंकड़ों की पोल खुली, 69 किमी की खुदाई बाकी

एसई गुप्ता ने बताया कि सीवरेज प्रोजेक्ट में आज की स्थिति में 69 किलोमीटर सड़कों की खुदाई और पाइप डालने का काम बाकी है। इससे पहले सीवरेज सेल ने 55 किमी का काम बाकी होने की सूचना दी थी। फर्जी आंकड़ों की पोल पहले ही दौरे में खुल गई। इनमें जोन-1 ए की 13 किमी, जोन-1 बी की 23 और जोन-1 सी की 33 किलोमीटर सड़कें शामिल हैं।

एसई ने माना, गलत प्लानिंग और अव्यवस्थित काम से हालात बिगड़े

एसई सुधीर गुप्ता ने स्वीकार किया कि गलत प्लानिंग और अव्यवस्थित ढंग से काम कराने से सड़कों की हालत बिगड़ी और लोग परेशान हुए। अब इस प्रोजेक्ट को व्यवस्थित तरीके से बढ़ाया जाएगा। निगम के सभी आठ इंजीनियर दिनभर के काम की रिपोर्ट देंगे। शाम को इसकी समीक्षा की जाएगी। नई खुदाई पूरी प्लानिंग से की जाएगी। सिंप्लेक्स पूरा वर्कप्लान बताकर और अनुमति लेकर काम करेगा। लक्ष्य है कि 5 जून तक, यानी बारिश से पहले ज्यादातर सड़कें बन जाएं। गांधी चौक से देवरीखुर्द, गांधी चौक से नेहरू चौक और यहां से उसलापुर की ओर सीवरेज की पाइप लाइन बिछाई जाएगी। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट देवरीखुर्द में बन रहा है, इसलिए इससे लगे इलाकों का काम पहले पूरा किया जाएगा।

20 किमी के लायक बचा फंड

नगर निगम के पास सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए जितनी राशि बची है, उससे करीब 20 किलोमीटर में काम हो सकता है। शेष काम के लिए रिवाइज्ड इस्टीमेट भेजा जाएगा। 267 किमी में से वर्तमान में 195 किलोमीटर में काम पूरा हो चुका है।

न वाटरिंग, न सुरक्षा

पीडब्ल्यूडी के सीई शर्मा दोपहर 1 बजे उसलापुर रोड पहुंचे। यहां पहुंचते ही रोलिंग देखकर वे नाराज हो गए। सिंप्लेक्स के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजेर उत्तम कुमार से कहा कि रेत हल्की गीली है। पानी बढ़ाएं और फिर रोलिंग कराएं। आपकी कंपनी मुंबई, दिल्ली या बड़े शहरों में काम कर रही होगी। क्या वहां इसी तरह काम होता है? न तो कहीं पर वर्क बोर्ड नजर आ रहा है, न ही साइट पर बेरिकेडिंग की गई है।

प्लान बताएं, कैसे करेंगे

नोडल अधिकारी ने सिंप्लेक्स व मैनहार्ट से पूरा प्लान मांगा। सिंप्लेक्स के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर उत्तम कुमार ने इसके लिए एक दिन का समय मांगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 मई के बाद कहीं भी खुदाई न की जाए। पीडब्ल्यूडी के एसई एसके जैन ने सड़क निर्माण की बारीकियां बताई।

तकनीकी मदद करेंगे

अब तक सीवरेज प्रोजेक्ट में पीडब्ल्यूडी का कोई रोल नहीं रहा है। पीएस ने हमें मदद के लिए कहा है। काम तो सिंप्लेक्स ही करेगा। पीडब्ल्यूडी तकनीकी मदद करेगा। जहां खुदाई चल रही है, उसी का काम पहले पूरा कराया जाएगा। एसके शर्मा, सीई पीडब्ल्यूडी

प्लानिंग से होगा काम

खुदी सड़कों के रेस्टोरेशन के बाद नई खुदाई पूरी प्लानिंग से कराई जाएगी। सिंप्लेक्स से वर्क प्लान मांगा गया है। समय सीमा के साथ ही ध्यान रखा जाएगा कि जनता को कोई परेशानी न हो। प्लानिंग की कमी से प्रोजेक्ट पिछड़ा और लोग परेशान हुए। सुधीर गुप्ता, एसई नगर निगम

दिनभर में यह सब हुआ

  • उसलापुर रोड की मिट्टी हटवाई, पानी डलवाया और मंगला चौक के पास की खुदाई रोक दी।
  • सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए नोडल अधिकारी सीई एसके शर्मा और निगम के एसई सुधीर गुप्ता सहित दर्जनभर अफसर उसलापुर की सड़क पर दोपहर में साथ नजर आए। गड्ढों और धूल से लोग दो महीने से परेशान हैं। बार-बार ट्रैफिक जाम होता है। अधिकारियों ने सिंप्लेक्स एवं मेनहार्ट को सड़क की फिलिंग 65 सेंटीमीटर छोड़कर करने के निर्देश दिए।
  • जाम न हो, इसके लिए खोदी गई सड़क के दूसरी ओर व खाली जगहों से मिट्टी, मटेरियल हटवाने और धूल रोकने के लिए वाटरिंग करने के लिए कहा।
  • मंगला नाका चौक की ओर की जाने वाली खुदाई इस रोड के रेस्टोरेशन तक के लिए टाल दी गई।

अब ऐसे होगा रेस्टोरेशन

  • 7-8 मीटर गहरे गड्ढे की रेत से फिलिंग
  • 30 सेंटीमीटर तक मुरम की फिलिंग
  • 25 सेमी डब्ल्यूएमएम
  • 10 सेमी की टारिंग