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बेबस आदिवासी बच्चियों के नाम पर बंद रहा शहर

9 वर्ष पहले
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बिलासपुर। कांकेर रेपकांड के विरोध में बुधवार को शहर बंद के दौरान घटना के प्रति आक्रोश नजर आया। बंद के लिए समर्थन जुटाने में जोगी समर्थकों ने पूरी ताकत झोंक दी। सुबह नेहरू चौक से पदयात्रा निकाली गई। जुलूस की शक्ल में निकले कांग्रेसियों ने शहर भ्रमण कर भाजपा सरकार सहित मुख्यमंत्री, गृह मंत्री एवं स्थानीय मंत्री के खिलाफ नारे बुलंद किए। बंद का मिला जुला असर रहा। इस दौरान सदर बाजार, गोल बाजार, व्यापार विहार सहित पेट्रोल पंप, मॉल यहां तक कि स्कूल और कालेजों में भी बंद का प्रभाव देखा गया। वहीं शनिचरी और चांटीडीह सब्जी मंडी, सरकंडा और वार्डो के अंदर की दुकानें खुली रहीं। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में बंद के चलते शहर में 30 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी बिलासपुर बंद कराने के लिए मंगलवार से ही समर्थन जुटाने में लग गए थे। लोगों में कांकेर की घटना के प्रति स्वाभाविक रूप से रोष है। लिहाजा बंद के प्रति कारोबारियों ने अपनी संवेदनशीलता जताई। शहर के प्रमुख बाजार सदर बाजार, गोल बाजार, राजीव प्लाजा, जरहाभाठा, लिंक रोड, व्यापार विहार में दुकानें बंद रहीं। आम दिनों की अपेक्षा सड़कों पर वाहन कम ही चले। बंद के समर्थन में सिनेमा व्यवसायियों ने अपना पहला शो बंद रखा, परंतु दवा दुकान, अस्पताल, नर्सिग होम व बस सेवाओं को बंद से मुक्त रखने के कारण इनकी सेवाएं सामान्य रहीं।
बाइक रैली, कीर्तन मंडली निकली
शहर बंद के दौरान कांग्रेस की राजनीति गरमाई रही। युवक कांग्रेस ने बाइक रैली निकालकर बंद के लिए समर्थन जुटाया। वहीं जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री समीर अहमद, पंकज सिंह, रशीद बख्श के नेतृत्व में राजीव गांधी चौक से कांग्रेसी भजन, कीर्तन करते हुए देवकी नंदन चौक तक गए। कांग्रेसियों ने कानून व्यवस्था की लचर स्थिति को लेकर विरोध जताया तथा राज्य सरकार से इस्तीफे की मांग की। कांग्रेसी प्रदेश में नारी के अपमान की घटनाओं को लेकर खासे आक्रोशित थे और उनकी नाराजगी सरकार विरोधी नारों में साफ झलक रही थी।
30 करोड़ का कारोबार प्रभावित
शहर कांग्रेस ने बंद के लिए छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कामर्स, संभागीय चेंबर आफ कामर्स और व्यापार विहार व्यापारी संघ, गोल बाजार व्यापारी महासंघ से पहले ही समर्थन हासिल कर लिया था, इसलिए बंद के लिए कांग्रेसियों को अधिक मशक्कत नहीं करनी पड़ी। खास बात यह है कि उक्त व्यापारिक संगठनों में भाजपा से जुड़े कई पदाधिकारी भी शामिल हैं। इसके बावजूद उन्होंने बंद को समर्थन देने से परहेज नहीं किया। व्यापार विहार में प्रतिदिन 8 से 10 करोड़ रुपए तथा शेष शहर में सराफा, कपड़े, बर्तन आदि की दुकानों से 40 करोड़ का कारोबार होता है, परंतु बंद के दौरान व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के बंद रहने से करीब 30 करोड़ का व्यवसाय ठप रहा। व्यापार विहार पूरी तरह बंद रहा। शहर के दो बड़े शापिंग मॉल भी दोपहर तक बंद रहे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने अन्न जल त्यागा: जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरुण तिवारी शहर बंद के दौरान कांग्रेसियों के प्रदर्शन में नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि वे ग्रामीण के अध्यक्ष हैं और बंद के दौरान स्वयं को कष्ट देने के लिए मंगलवार की शाम से उन्होंने 36 घंटे के लिए अन्न जल का त्याग कर दिया।
जिलाध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटियों के बंद के आह्वान के दौरान प्रदर्शनों में शामिल नहीं हुए। उनका कहना है कि बंद के नाम पर लोगों को तकलीफ देने के वे खिलाफ हैं। कांकेर रेपकांड छत्तीसगढ़ की अस्मिता तथा नारी के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली गंभीर घटना है और इसके लिए राज्य सरकार को नैतिकता के नाते इस्तीफा दे देना चाहिए।
बंद कराने सांसद, मेयर व कांग्रेसी सड़कों पर
शहर कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सुबह 9.30 बजे कांग्रेसियों ने नेहरू चौक से मनोनीत सांसद इंग्रिड मैक्लाउड, मेयर वाणी राव, पीसीसी के उपाध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर, सचिव राजेश पांडे, शहजादी कुरैशी, विवेक वाजपेयी, एसपी चतुर्वेदी, आशीष सिंह, शहर कांग्रेस अध्यक्ष रविंद्र सिंह, अनिल टाह, शेख गफ्फार, अटल श्रीवास्तव, डॉ. तरु तिवारी, गणोश रजक, जसबीर गुंबर, शिवा मिश्रा, पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश वाजपेयी, संध्या तिवारी, विजय पांडे, अर्जुन तिवारी, जफर अली, अमित तिवारी, पंकज सिंह, राजू यादव, युवा कांग्रेस के लोकसभा अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, विधानसभा अध्यक्ष जावेद मेमन, एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष अमितेश राय, सुरेंद्र तिवारी, गोविंद सेठी, निर्मल बतरा, रामशरण यादव, शाजी मैथ्यू, आमना खान, मोती कुर्रे, अल्का शर्मा, शिबली मेराज खान, राजीव अग्रवाल, पार्षद राजा शर्मा, विष्णु यादव, भास्कर यादव, रामा बघेल, शेख नजीरुद्दीन आदि के नेतृत्व में मुख्य मार्गो पर पदयात्रा कर बंद के लिए समर्थन जुटाया। कांग्रेसी सदर बाजार, गोल बाजार, तारबाहर चौक, लिंक रोड होते हुए सत्यम चौक तक गए। इस दौरान कांकेर कांड के विरोध में जोरदार नारेबाजी की गई तथा मुख्यमंत्री व गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग की गई।
स्कूल, कालेज बंद कराए
युवा कांग्रेस ने बंद के समर्थन में नेहरू चौक से बाइक रैली निकाली तथा राजेंद्र नगर स्कूल से लेकर सीएमडी कालेज, तारबाहर तक रास्ते में पड़ने वाले स्कूल, कालेजों में जाकर बंद के लिए समर्थन जुटाया। युवा कांग्रेस के जोर से कई शैक्षणिक संस्थाएं बंद कर दी गईं।
पुलिस व निगम के पेट्रोल पंप में लगी रहीं वाहनों की कतार
बंद के दौरान शहर के तकरीबन सभी पेट्रोल पंप बंद रहे, परंतु मुंगेली नाका स्थित नगर निगम और पुलिस लाइन के समीप पुलिस पेट्रोल पंप व शहर के बाहर के पंप खुले रहे। निजी पेट्रोल पंपों के बंद रहने के कारण पेट्रोल, डीजल के लिए निगम और पुलिस के पेट्रोल पंप में वाहन चालकों की भीड़ लगी रहीं। दोनों ही सरकारी पेट्रोल पंपों में बंद के दौरान आम दिनों की तुलना में कई गुना अधिक पेट्रोल, डीजल की बिक्री हुई।