बिलासपुर. नए वार्ड अयोध्या नगर के वोटरों के नाम जोड़ने लिए सिंधी कॉलोनी के सरकारी स्कूल में लगाए गए शिविर में सोमवार को जमकर विवाद हुआ। फर्जी वोटरों के नाम जोड़ने की शिकायत से विवाद शुरू हुआ जो प्रशासन व पुलिस के दखल के बाद शांत हुआ। मतदाता सूची में नाम जोड़ने की अंतिम तारीख 30 सितंबर तक बढ़ा दी गई है।
कस्तूरबा नगर से अलग कर बनाए गए नए वार्ड-5 अयोध्या नगर के पुनरीक्षण के लिए सिंधी काॅलोनी स्कूल कैंपस के एक कमरे में शिविर लगाया गया है। यहां अल्का दुबे बतौर अभिहित अधिकारी सोमवार को नए व छूटे हुए मतदाताओं से आवेदन ले रही थीं। दोपहर करीब 1 बजे अचानक विवाद शुरू हो गया, जब कुछ लोग थोक में मतदाताओं के फाॅर्म लेकर आ गए। कथित भाजपा नेताओं द्वारा थोक में फर्जी नाम जोड़ने के प्रयास करने की शिकायत किसी ने कांग्रेस नेताओं से कर दी। इसके बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र बोलर व उनके साथी वहां जा पहुंचे। कुछ स्थानीय युवक वहां थे तो कुछ ऐसे भी थे, जिन्हें बाहरी बताया जा रहा था।
स्थानीय व कथित बाहरी कार्यकर्ताओं के बीच थोक में नाम जोड़ने और न जोड़ने को लेकर गर्मागर्म बहस होने लगी। अभिहित अधिकारी ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा। किसी ने मामले की सूचना तहसीलदार जय उरांव को दी। उन्होंने नगर निगम व पुलिस के कर्मचारियों को मौके पर भेजा। उनके आने के बाद मामला शांत हुआ। इधर, वार्ड-4 से अलग होकर स्वतंत्र वार्ड बना वार्ड-5 सामान्य महिला के लिए रिजर्व है। आरक्षण होने के बाद से ही टिकटों को लेकर दौड़ शुरू हो चुकी है। बताया जा रहा है कि इस विवाद का संबंध उस प्रयास से ही जुड़ा है।
झगड़े के चलते स्कूल में पढ़ाई ठप
जिस स्कूल में शिविर लगा है, वहां की शिक्षिका ने बच्चों को पढ़ाई करने के निर्देश दिए, लेकिन शोर-शराबे के कारण वे ऐसा नहीं कर सके। इस घटना से अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या स्कूल परिसर में मतदाता शिविर लगाने की इजाजत दी जानी चाहिए? आखिर राजनीतिक विवाद से स्कूली छात्रों की पढ़ाई क्यों प्रभावित हो।
फाॅर्मों की जांच करवाएंगे
फर्जी लोगों के नाम जोड़ने के लिए थोक में आवेदन करने की शिकायत मिली थी। इस पर नगर निगम व पुलिसकर्मियों को मौके पर भेजा गया था। शिविर में जो फाॅर्म मिले हैं, उसकी जांच करवाई जाएगी। शिविर में घुरु व अमेरी के लोगों के फाॅर्म आने की शिकायत भी मिली है। - जय उरांव, तहसीलदार, बिलासपुर
परिवार के लोगों के फाॅर्म लाए
इधर जो लोग थोक में फाॅर्म लेकर पहुंचे थे, उन्होंने विवाद के दौरान बार-बार कहा कि वे परिवार के लोगों के फाॅर्म लेकर आए हैं। इधर, कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता यह शिकायत करते रहे कि जब परिवार के लोग हैं तो सभी की जाति अलग-अलग क्यों है।
थोक में लाए जा रहे थे फॉर्म
शिविर के दौरान थोक में फॉर्म लाए जा रहे थे। इसे देखकर कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पदाधिकारियों को मौके पर बुला लिया। इसी के चलते विवाद की स्थिति बनी थी। बाद में मामला सुलझ गया। - रमेश जायसवाल, पार्षद वार्ड-4, कस्तूरबा नगर