कोटा. बिलासपुर. कोटा स्थित वेलकम डिस्टलरी के मजदूरों ने जिला पंचायत सदस्य की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार को कोटा थाने का घेराव किया। मजदूर 4 घंटे तक थाना परिसर में अड़े रहे। पुलिस अफसरों की समझाइश पर लोग माने और लौटे।
कोटा छेरकाबांधा स्थित वेलकम डिस्टलरी के 300 मजदूर शनिवार की सुबह कोटा थाना पहुंचे। उन्होंने जिला पंचायत सदस्य दीपक रजक पर शराब माफिया के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। कहा कि वह अपने फायदे के लिए मजदूरों की रोजी-रोटी छीनना चाहता है। मजदूरों का उसके आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। वह छह महीने से सरकारी विभागों में जाकर फैक्टरी व मजदूरों के संबंध में भ्रामक सूचना फैलाने का प्रयास कर रहा है।
मजदूर फैक्टरी के आस-पास के गांवों से हैं। इसके बंद होने से उनके सामने रोजी रोटी की समस्या पैदा हो जाएगी। मजदूर पुलिस के लिए चार घंटे तक परेशानी का सबब बने रहे। पुलिस उन्हें समझाने का प्रयास करती रही। इधर, मजदूर जिला पंचायत सदस्य को हिरासत में लेने तक वहां से लौटने से इनकार करते रहे। बाद में कोटा एसडीओपी विभाेर सिंह ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर मजदूर हटे। उनके साथ ग्राम पंचायत छेरकाबांधा के सरपंच, उपसरपंच व आस-पास के लोग आए थे। इससे पहले भी जिला पंचायत सदस्य के खिलाफ मजदूरों ने कलेक्टर व कोटा एसडीएम से शिकायत की थी।
टकराव की आशंका: जिला पंचायत सदस्य दीपक रजक ने सोमवार को फैक्टरी के सामने धरना देने की चेतावनी दी है। इधर वेलकम डिस्टलरी के मजदूरों ने भी उसके खिलाफ मोर्चा खाेल दिया है। इससे दोनों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
लिखित में दिया है आश्वासन
जिला पंचायत सदस्य ने चक्काजाम नहीं करने का लिखित में आश्वासन दिया है। वह फैक्टरी से 500 मीटर दूर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर सकता है। किसी तरह की गड़बड़ी हुई तो उसे गिरफ्तार किया जाएगा। फैक्टरी के बाहर पुलिस बल तैनात किया जाएगा। - जेआर ठाकुर, एएसपी ग्रामीण