बिलासपुर। शहर और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में डायरिया का प्रकोप है, ऊपर से स्वाइन फ्लू भी दस्तक दे रहा है। इन हालातों में भी स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम मुस्तैद दिखाई नहीं दे रहा है। नाली के बीच से पाइप लाइन गुजरी है।
इसमें लीकेज होने और दूषित पानी पीने से कभी भी हालात बिगड़ सकते हैं। चौबे कॉलोनी, अरविंद नगर, गंगा नगर सहित शहर के अन्य इलाके ऐसे हैं जहां गंदगी की वजह से डायरिया और पीलिया के मरीज बढ़ सकते हैं।
तीन महीने बाद एक बार फिर से शहर में डायरिया का प्रकोप बढ़ा है। तालापारा, तेलीपारा, कश्यप काॅलोनी, रेलवे क्षेत्र के साथ ही मंगला, बिरकोना, देवरी, लिमतरा, बरतोरी, भरारी आदि ग्रामीण क्षेत्रों से डायरिया के मरीज आ रहे हैं। इस बीमारी का सीधा कारण गंदगी व प्रदूषित पेयजल है। डायरिया के मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद भी निगम प्रशासन न तो
साफ-सफाई की ओर ध्यान नहीं दे रहा और न लीकेज पाइप लाइन को दुरुस्त कर रहा है। यही हालात रहे तो डायरिया के प्रकोप को रोकना मुश्किल होगा। मलेरिया, पीलिया, स्वाइन फ्लू फैलने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सीधी बात
सतर्क हैं, शहर के वार्डों का निरीक्षण कर रहे हैं
डायरिया फैलने से राेकने के लिए शहर में क्या तैयारी है?
{हम पूरी तरह सतर्क हैं। सोमवार को तालापारा, गणेश नगर व बंधवापारा का निरीक्षण कर वहां
का जायजा लिया है।
सिर्फ जायजा लिया जा रहा है या फिर साफ-सफाई की दिशा में कोई ठोस कदम भी उठाए जा रहे हैं। जगह-जगह नाली जाम हैं। नल की पाइप लाइन लीकेज है, उससे गंदा पानी घर-घर पहुंच रहा है?
{शहर के वार्डों का दौरा कर पता लगाया जा रहा है कि कहां-कहां गंदगी है। पाइप लाइन कहां लीकेज हैं। वहां जल्द साफ-सफाई कर पाइप लाइन दुरुस्त करवाई जाएगी।
ये तो रेगुलर प्रक्रिया होनी चाहिए। अब सफाई का ध्यान क्यों आ रहा है?
{हम रेगुलर ही काम कर रहे हैं। फिर भी कहीं गंदगी है ताे उसे साफ करवाया जाएगा।
चौबे कालोनी, शक्ति विहार,
अरविंद नगर में नालियां जाम होने से घर-घर गंदा पानी घुसता हैं। यहां कब स्थिति सुधरेगी?
{चौबे कालोनी, शक्ति विहार, अरविंद नगर बेतरतीब बस गए हैं। निचले स्थान व पानी निकलने की जगह न होने से घरों में पानी भर रहा है।