बिलासपुर. नगर निगम के कई वार्डों की मतदाता सूची में खामियां मिल रही हैं। इन्हें दूर करने प्रशासन ने टीमों का गठन किया है, जो शुक्रवार से ऐसे वार्डों में डोर-टू-डोर सर्वे करेंगी। प्रशासन के पास मतदाता सूची तैयार करने के लिए अब ज्यादा समय नहीं है, इसलिए टीमों को इस काम को प्रमुखता से कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। सूची के पुनरीक्षण का यह अभियान 22 सितंबर तक चलेगा।
दिसंबर में होने जा रहे चुनाव के मद्देनजर 2.84 लाख मतदाताओं के नामों वाली मतदाता सूची का प्रकाशन 11 सितंबर को किया गया है। सूची प्रकाशित करने के साथ वार्डों में कैंप लगाकर नए मतदाताओं से आवेदन लेने की शुरुआत हो चुकी है। मुहिम शुरू होने के दूसरे दिन से वार्ड-16 व 21 समेत अन्य पार्षद मतदाता सूची में गड़बड़ी होने की शिकायत लेकर प्रशासन के पास पहुंच रहे हैं। दरअसल, वार्ड-16 के करीब 150 मतदाताओं के नाम वार्ड 17 की मतदाता सूची में चले गए हैं। यही हाल वार्ड-21 का भी है। यहां के रहवासियों का नाम 22 नंबर वार्ड की सूची में प्रकाशित हो गया है। जनप्रतिनिधि इसके लिए अधिकारियों की लापरवाही और सर्वे करने वाले कर्मचारियों को दोषी ठहरा रहे हैं, साथ ही आगामी चुनाव के मद्देनजर जानबूझकर छेड़छाड़ होने को लेकर आशंकित हैं।
सूचियों की खामियों को दूर करने की कवायद शुरू कर दी है। इसी मकसद से शिकायत वाले वार्डों की मतदाता सूची की जांच और भौतिक सत्यापन के लिए आधा दर्जन टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें शुक्रवार से वार्डों में डोर-टू-डोर जाकर सर्वे करेंगी और अपनी रिपोर्ट देंगी। दरअसल, 22 सितंबर मतदाता सूची में नाम जोड़ने की अंतिम तारीख है। 25 तक दावा-आपत्तियां दी जा सकेंगी और 27 सितंबर को पूरक सूची के साथ मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।
जूना बिलासपुर में पहले ही आ चुकी है शिकायत
कुछ दिनों पहले नगर निगम के उप नेता प्रतिपक्ष व जूना बिलासपुर के भाजपा पार्षद ओमप्रकाश देवांगन ने नायब तहसीलदार नरेंद्र बंजारा से उनके वार्ड में मतदाताओं के नाम सूची में कई जगह प्रकाशित होने की शिकायत की थी। एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग वार्डों में चले जाने और एक ही सूची में समान भाग संख्या होने की बात कही थी।
पहले ही जताई थी आशंका
सूची प्रकाशित होने के पहले ये गड़बड़ी निगम कमिश्नर रानू साहू को पता चल गई थी। कर्मचारियों की शिकायत पर उन्होंने उप जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर इसे दुरुस्त करवाने के लिए कहा था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर खामियां दूर नहीं की गईं तो प्रकाशित मतदाता सूची में भी गड़बड़ियां मिलेंगी। तब साॅफ्टवेयर की दिक्कत बताते हुए गड़बड़ी दूर करने का दावा किया गया था, लेकिन हालात वही रहे और मतदाता सूची प्रकाशित हो गई। इसी का नतीजा है कि गड़बड़ियां अब भी सामने आ रही हैं।
22 सितंबर के बाद नहीं जुड़ेंगे नाम
अगर आप 1 जनवरी 2015 को 18 साल के होने जा रहे हैं या आपका नाम विधानसभा या लोकसभा चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट में नहीं जोड़ा जा सका है तो तत्काल आवेदन कर नाम जुड़वाएं। इस बार आप चूके तो हो सकता है कि नाम जुड़वाने पूरे चार साल इंतजार करना पड़े। 22 सितंबर को नाम जोड़ने की अंतिम तारीख है। इसके बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
जल्द दूर कर ली जाएंगी खामियां
पार्षद मतदाताओं के नाम दूसरे वार्ड की सूची में दिखाई देने की शिकायत कर रहे हैं। 27 सितंबर के पहले इन खामियों को दूर कर लिया जाएगा। इसके बाद फाइनल सूची का प्रकाशन किया जाएगा। यह भी पता लगाया जाएगा कि ऐसा कैसे हुआ।- जय उरांव, तहसीलदार