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जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने बीमे के नाम पर किसानों से 4 करोड़ लिए

7 वर्ष पहले
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बिलासपुर. जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पहले कभी किसानों का दुर्घटना बीमा नहीं करवाता था। देवेंद्र पांडेय के अध्यक्ष बनने के बाद से इसकी शुरुआत हुई। इस साल चार लाख किसानों से बगैर पूछे दुर्घटना बीमा के नाम पर चार करोड़ रुपए ले लिए गए। कई किसानों के खाते से डबल रकम ली गई। इससे पिछले सालों में हुए दुर्घटना बीमा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

इस बारे में किसानों की शिकायत पर सहकारी संस्थाएं के तत्कालीन उप पंजीयक उमेश तिवारी ने जांच की। पता चला कि बैंक के एडिशनल सीईओ ने अध्यक्ष के मौन समर्थन पर ब्रांच मैनेजरों से मिलीभगत कर चार लाख किसानों के खाते से सौ-सौ रुपए बीमा के नाम पर डेबिट करवा लिए। प्रीमियम की रकम ज्यादा होने का संदेह हुआ तो उप पंजीयक ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव के सीईओ से वहां के किसानों के बीमा संबंधी दस्तावेज मंगवाए। दस्तावेजों से पता चला कि लिबर्टी वीडियोकॉन जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड ने राजनांदगांव में प्रति किसान 58 रुपए लेकर बीमा किया, लेकिन जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा व कबीरधाम जिले के पंडरिया ब्लाॅक के किसानों के खातों से सौ-सौ रुपए ले लिए।
यानी हर किसान से 42-42 रुपए ज्यादा। इतना ही नहीं, किसानों से सहमति भी नहीं ली गई। इन बातों को ध्यान में रखते हुए उप पंजीयक तिवारी ने पांच पन्नों की जांच रिपोर्ट संयुक्त पंजीयक निर्मल तिर्की को सौंपी। इसमें उन्होंने एडिशनल सीईओ अमित शुक्ला और अध्यक्ष देवेंद्र पांडेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की अनुशंसा की। अब इस साल से पहले जितने भी बीमा सहकारी बैंक द्वारा करवाए गए हैं, उन पर भी सवाल हैं। बैंक के पूर्व अध्यक्षों के मुताबिक, उनके समय कभी किसानों का बीमा नहीं करवाया गया। दरअसल ज्योतिष कश्यप के बाद अध्यक्ष बने देवेंद्र पांडेय के समय ही 2011 में किसानों का 90 रुपए प्रीमियम में पांच लाख रुपए का दुर्घटना बीमा किया गया था। इसके बाद के सालों में भी बीमा होता रहा।

किसानों के हित में बीमा करने का दावा : सहकारी बैंक प्रबंधन ने किसानों के व्यापक हित में बीमा करने और सहकारी संस्थाएं के उप पंजीयक से विधिवत अनुमति लेने का दावा किया है। बैंक की ओर से भेजे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि बीमा विधि के मुताबिक किया गया है। वर्तमान में सहकारी बैंक बिलासपुर से एक लाख किसान और अमानतदार जुड़े हैं।
मैंने अपने समय में कोई बीमा नहीं करवाया
- मैं 15-16 सालों तक बैंक का अध्यक्ष रहा, लेकिन कभी किसानों का बीमा नहीं करवाया। अक्सर इस तरह की योजनाएं विवादों में पड़ जाती हैं और किसानों को लाभ कुछ नहीं मिलता। इससे ज्यादा इस मामले में कुछ कहना उचित नहीं होगा। - बैजनाथ चंद्राकर, पूर्व अध्यक्ष जिला सहकारी केंद्रीय बैंक