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नेता बोले, सिफारिश से आने वालों को टिकट न दिए जाएं

7 वर्ष पहले
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बिलासपुर. नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों व टिकट वितरण को लेकर हुई पर्यवेक्षकों की पहली बैठक में कांग्रेस के नेताओं को यह कहते सुना गया कि किसी की सिफारिश पर टिकट न बांटे जाएं। जोर इस पर भी रहा कि टिकट ऐसे व्यक्ति को दें, जो पार्टी को जीत दिलवा सके।

काफी समय बाद गुरुवार को कांग्रेस भवन में चहल-पहल दिखाई दी। प्रदेश उपाध्यक्ष व जिले के पर्यवेक्षक पीआर खुंटे, शशिकांता राठौर व रउफ कुरैशी ने बैठक ली। इसमें नगरीय निकाय चुनाव के लिए मेयर, अध्यक्षों के साथ वार्डों के पार्षद प्रत्याशियों के चयन के मुद्दे पर चर्चा हुई। कई नए पुराने-चेहरे चर्चा का हिस्सा बनने पहुंचे। खुंटे ने स्थानीय नेताओं से प्रत्याशी चयन को लेकर सुझाव लिए। सभी ने इस पर जोर दिया कि नेताओं की सिफारिश वाले लोगों को टिकट न दिए जाएं। सक्रिय व साफ-सुथरी छवि वाले कार्यकर्ताओं को अवसर देने की बात कही गई।
अनुशासन बनाने और पार्टी के कार्यक्रमों से गायब रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। इस दौरान निकाय चुनाव में पहली बार संगठन द्वारा प्रत्याशियों के चयन में जाति समीकरण को ध्यान में रखने और किसी कार्यकर्ता से बायोडाटा और आवेदन नहीं लेने पर चर्चा हुई। पर्यवेक्षक खुंटे ने कहा कि गोपनीय टीम बनाकर नाम लिए जाएंगे। उन्होंने नगर पंचायत और नगर पालिकाओं में भी जाकर प्रत्याशियों का चयन किए जाने की जानकारी दी।
इस दौरान उन इलाकों के पार्टी के नेताओं की मौजूदगी को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा, वार्डों के आरक्षण के बाद फिर से बैठक ली जाएगी। सदस्यता अभियान पर भी चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव, शहर अध्यक्ष नरेंद्र बोलर, जिला अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला और जिला प्रतिनिधियों समेत अन्य नेताओं व पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।
दावेदारों से हुई अलग से मुलाकात

मेयर के टिकट की दावेदारी करने वालों से पर्यवेक्षकों ने बैठक खत्म होने के बाद अलग से मुलाकात की। वे एक-एककर पर्यवेक्षकों से मिलकर चर्चा करते रहे। शहर के अलावा तिफरा, बोदरी, तखतपुर, रतनपुर और कोटा से भी अध्यक्ष पद के दावेदारों से पर्यवेक्षकों ने बात-चीत की।
दूसरा मंतूराम पैदा नहीं होने देंगे

प्रदेश उपाध्यक्ष खुंटे ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा, यह प्रयास होगा कि दूसरा मंतूराम पैदा न होने पाए। उन्होंने नगर निगम, नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में जीत का दावा करते हुए राशन कार्ड, किसानों के रजिस्ट्रेशन व भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा की आलोचना की।