बिलासपुर. सहायक संचालक कृषि की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में पर्याप्त अंक पाने का दावा करते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। इस संबंध में पीएससी ने आरटीआई में भी जानकारी नहीं उपलब्ध करवाई। साथ ही विज्ञापन जारी होने के बाद नियमों में बदलाव को भी चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने पीएससी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
पीएससी ने दिसंबर 2013 में सहायक संचालक कृषि के 78 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया। इसमें शैक्षणिक योग्यता कृषि विषय के साथ सेकेंड डिवीजन में स्नातकोत्तर परीक्षा पास करने रखा गया था। साथ ही लिखित और इंटरव्यू के अंकों को जोड़कर चयन सूची तैयार करने की जानकारी दी गई। पीएससी ने कुछ दिनों बाद नियमों में संशोधन करते हुए अनारक्षित वर्ग के लिए लिखित परीक्षा में 33 फीसदी और आरक्षित वर्ग के लिए 23 फीसदी अंक प्राप्त करना जरूरी करने की जानकारी दी। इसके लिए विसेश्वर सक्सेना ने अनुसूचित जाति वर्ग के तहत परीक्षा दी। लिखित परीक्षा के बाद पीएससी ने मॉडल आंसर जारी करते हुए दावा- आपत्ति मांगी। सक्सेना ने कुछ सवालों पर आपत्ति प्रस्तुत की।
निराकरण के बाद आंसर जारी करते हुए इंटरव्यू के लिए चयन सूची जारी की गई। इसमें सक्सेना का नाम नहीं था, जबकि संशोधित मॉडल आंसर के मुताबिक उसे सामान्य अध्ययन में 34 फीसदी और कृषि विषय में 47 फीसदी अंक मिल रहे हैं। सक्सेना ने सूचना के अधिकार के तहत पीएससी से खुद की अंकसूची समेत चयनित लोगों को मिले अंकों की जानकारी मांगी। लेकिन पीएससी ने यह उपलब्ध नहीं करवाई। इस पर उसने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पीएससी से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले पर अक्टूबर में सुनवाई होगी।