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आने वाली ट्रेन पैसेंजर तो जाने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस क्यों

8 वर्ष पहले
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बिलासपुर। पटरियों के रख-रखाव के लिए जेडी पैसेंजर इस महीने 7 दिन बिलासपुर-रायपुर के बीच रद्द रहेगी। रायपुर में रद्द होने वाली जेडी पैसेंजर के यात्रियों को छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की सुविधा मिलेगी, लिहाजा अमृतसर-बिलासपुर पैसेंजर बनकर चलेगी।

इसके विपरीत बिलासपुर में रद्द होने वाली पैसेंजर के यात्रियों को छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की सुविधा उन्हीं स्टेशनों के लिए मिलेगी, जहां वह ठहरती है। रविवार को ट्रेन पहले दिन रद्द हुई। झारसुगड़ा-गोंदिया के यात्री छत्तीसगढ़ में सवार हुए ओर हर जगह चेनपुलिंग करके ट्रेन रोकी गई।

रायपुर डिवीजन के दाधापारा से बैकुंठ स्टेशन के बीच पटरियों के रख-रखाव का काम होना है। इसके लिए 1, 3, 8, 15, 22, 24 और 29 सितंबर को गोंदिया-झारसुगड़ा-गोंदिया (58998-58997) जेडी पैसेंजर बिलासपुर से रायपुर के बीच रद्द रहेगी। रेल प्रशासन ने विकल्प के तौर पर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की सुविधा तो दी है, लेकिन एक ही ओर से। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि गोंदिया-झारसुगड़ा पैसेंजर रायपुर में सुबह 9:20 बजे पहुंचेगी और यहीं रद्द हो जाएगी।

अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस सुबह 9:55 बजे रायपुर से छूटेगी। यानी रद्द होने वाली ट्रेन के यात्रियों को अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की सुविधा बिलासपुर तक आने के लिए मिल जाएगी। चूंकि झारसुगड़ा-गोंदिया पैसेंजर को बिलासपुर में रद्द किया जाएगा और यहीं से गोंदिया-झारसुगड़ा बनाकर रवाना किया जाएगा।

ऐसे में रायपुर में रद्द हुई ट्रेन के यात्री छत्तीसगढ़ से दोपहर 12:30 बजे बिलासपुर पहुंचकर झारसुगड़ा जाने के लिए पैसेंजर की सुविधा 1:45 बजे हासिल करेंगे। रेल प्रशासन ने इसी बात को ध्यान में रखकर संबंधित दिनों में अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को रायपुर से बिलासपुर के बीच पैसेंजर के तौर पर चलाने का फैसला लिया है। अब समस्या यह है कि यही सुविधा झारसुगड़ा-गोंदिया पैसेंजर के यात्रियों को नहीं दी गई है।

यह ट्रेन दोपहर 12:30 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और यहीं रद्द हो जाएगी। इस ट्रेन के यात्रियों को भी रायपुर से इसी पैसेंजर की सुविधा शाम 4:30 बजे मिलेगी। अब रायपुर की ओर जाने के लिए एक मात्र बिलासपुर-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ही है, जो बिलासपुर से दोपहर 2:15 बजे रवाना होकर शाम 4:10 बजे रायपुर पहुंचेगी।

चूंकि इसे एक्सप्रेस बनाकर ही चलाया जा रहा है, लिहाजा बिल्हा, भाठापारा, हथबंद और तिल्दा के ही यात्रियों को इस ट्रेन की सुविधा मिलेगी। सवाल उठता है कि दाधापारा, चकरभाठा, दगौरी, बैकुंठ, निपनिया, सिलयारी, मांढर के यात्री क्या करें। ऐसे सैकड़ों यात्री हैं, जो झारसुगड़ा-गोंदिया पैसेंजर में इन स्टेशनों के लिए सफर कर रहे होते हैं। इसी तरह दर्जनों यात्री ऐसे भी होते हैं, जो इन छोटे स्टेशनों से सवार होने के लिए ट्रेन की राह ताकते रहते हैं।

बिलासपुर-अमृतसर एक्सप्रेस को पैसेंजर बनाकर चलाया जाए तो छोटे स्टेशनों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह जरूरत है कि इसे पैसेंजर बनाकर चलाने पर रायपुर से रवाना होने वाली झारसुगड़ा-गोंदिया पैसेंजर को 10 से 15 मिनट विलंब से रवाना करना पड़ेगा।

बार-बार हुई चेन पुलिंग

रख-रखाव का काम 1 सितंबर यानी रविवार से शुरू हुआ। इसके कारण झारसुगड़ा-गोंदिया पैसेंजर बिलासपुर में ही रद्द कर दी गई। अनाउंसमेंट हुआ कि इस ट्रेन की सुविधा रायपुर से मिल जाएगी। रायपुर से आगे का सफर करने वालों के अलावा छोटे स्टेशनों के भी यात्री छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में सवार हो गए। इसे दगौरी, निपनिया, सिलियारी जैसे स्टेशन में ठहराना तो नहीं था, लेकिन चेन पुलिंग के कारण ठहरना पड़ा। ट्रेन अघोषित तौर पर पैसेंजर की तरह ही चली।