बिलासपुर. झीरम मामले में विशेष अदालत में अब 20 नवंबर को सुनवाई होगी। आरोपियों की रिमांड की अवधि खत्म होने के आखिरी दिन कोर्ट में शनिवार को चार्जशीट पेश कर दी गई। इस मामले में 34 आरोपी नामजद हैं। इनमें से नौ गिरफ्तार किए गए हैं, बाकी 25 फरार चल रहे हैं। कोर्ट ने आरोपियों को डिफेंस कौंसिल (बचाव वकील) नियुक्त करने के लिए कहा। आरोपियों ने इसमें खुद को असमर्थ बताया। इस पर कोर्ट ने शासन को ही 20 नवंबर तक उनके लिए बचाव वकील नियुक्त करने के लिए कहा है।
झीरम कांड के 178वें दिन इस मामले की 500 पन्नों की चार्जशीट पेश होने के बाद अगली सुनवाई 20 नवंबर को तय की गई है। अब सरकारी वकील की नियुक्ति होनी है। शनिवार को डिस्ट्रिक्ट जज एमडी कातुलकर की विशेष अदालत में कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपियों को लाया गया। झीरम घाटी वारदात के आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 307, 395, 396, 25, 27 आर्म्स एक्ट और 315 विस्फोटक अधिनियम के तहत जुर्म दर्ज है। आरोपी 27 सितंबर तक रिमांड पर थे। 25 नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। एनआईए के इश्तगाशा पर कोर्ट ने उनकी संपत्ति कुर्क करने की मंजूरी दे दी है। शनिवार को अदालत में पेश किए गए सात आरोपी पहले ही सेंट्रल जेल में थे। दो अन्य कोसा कवासी पिता हिड़मा (30 वर्ष) और महादेव नाग पिता कोया नाग (30 वर्ष) दरभा बाद में लाए गए थे। झीरम घाटी मामले में कुल 34 नामजद आरोपी हैं। एनआईए ने कोर्ट को बताया है कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने आवेदन पेश किया गया था। इसे मंजूर करते हुए विशेष अदालत ने कुर्की के आदेश पहले ही दे दिए थे। इधर, कोर्ट में आरोपियों की पेशी के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कोर्ट परिसर में पुलिस के आला अफसर और जवान तैनात किए गए थे।
ये आरोपी हैं जेल में
ज्योति उर्फ प्रमिला कोडियाम पति लच्छू उर्फ रमेश, गोरना बीजापुर (दक्षिण बस्तर डिविजनल महिला कंपनी-2 की सदस्य), बंजामी सन्ना ग्राम मुंडवाल तोंगपाल (अध्यक्ष, दंडकारण्य जोनल मिलिट्री), आयता मरकाम भद्रीमोह तोंगपाल (सदस्य, कटे कल्याण एरिया कमेटी), मुक्का मंडावी भद्रीमोह (सदस्य कटे कल्याण एरिया कमेटी), कवासी कोसा दरभा, मड़कामी देवा कोलेम दरभा, चैतू उर्फ मुन्ना लेकाम नयापारा बीजापुर, महादेव नाग दरभा, कोसा कवासी दरभा।