पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Lady Lawyer Attempted Suicide In Supreme Court

बिलासपुर की महिला वकील ने सुप्रीम कोर्ट में की खुदकुशी की कोशिश

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बिलासपुर. बिलासपुर की एक महिला वकील ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस के कक्ष के सामने खुदकुशी करने की कोशिश की। महिला का आरोप है कि उसके जेठ, जेठ का बेटा और एक अन्य ने पिछले साल उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, लेकिन उसे अब तक न्याय नहीं मिला। आत्महत्या की कोशिश के बाद शीर्ष अदालत ने स्वत: मामले को संज्ञान में लिया। वह मंगलवार को इस केस की सुनवाई करेगी।
साथ ही एक महिला वकील को पीड़िता की मदद करने को कहा गया है। उधर, फिनाइल की टैबलेट खाने वाली महिला को दिल्ली के ही राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि जांच में दुष्कर्म साबित नहीं हुआ है। महिला वकील बिलासपुर के तिलक नगर में किराए के मकान में रहती है और हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करती है। तलाकशुदा इस महिला ने 28 नवंबर 2013 को सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 376 घ, 452, 506 व 323, 34 के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस दूसरे दिन महिला को कोर्ट लेकर गई। यहां प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान दर्ज करवाया गया। उस समय कुछ वकीलों ने घटना को लेकर आक्रोश भी जताया था। गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। मामला फिलहाल जिला कोर्ट में लंबित है।
2001 में शादी, 2002 में तलाक
महिला का मायका बेमेतरा में है। उसकी शादी वर्ष 2001 में रायपुर के पुरानी बस्ती के युवक से हुई थी। इस मामले के आरोपी राजकुमार ने ही मध्यस्थता कर उनकी शादी तय करवाई थी। लगातार विवादों के चलते 16 जुलाई 2002 को पति-पत्नी के बीच तलाक हो गया था। दोनों का मामला बिलासपुर के कुटुंब न्यायालय में चला।
यह है महिला का आरोप

35 वर्षीय महिला वकील के अनुसार उसके जेठ राकेश श्रीवास्तव, जेठ के बेटे अंशुल श्रीवास्तव और जेठ के मित्र राजकुमार शर्मा 28 नवंबर 2013 की रात घर में घुसकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। ये सभी रायपुर के पुरानी बस्ती में रहते हैं। 29 नवंबर की शाम साढ़े चार बजे महिला ने इसकी रिपोर्ट बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई। लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिला।
जांच में मिले ये तथ्य
- डॉक्टर की रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई।
- फॉरेंसिक साइंस लैब की जांच में महिला के कपड़ों पर मानव शुक्राणु नहीं मिले।
- घटना की रात सभी आरोपी अलग-अलग जगहों पर थे।
- आरोपियों में से जेठ व उसके बेटे की लोकेशन रायपुर में मिली, जबकि तीसरा आरोपी घटना की रात अस्पताल में भर्ती था।
महिला का गलत कार्रवाई का आरोप सही नहीं

अभी सुप्रीम कोर्ट से ऑफिशियल तौर पर किसी तरह का जवाब नहीं मांगा गया है, लेकिन विभाग की ओर से जवाब तैयार कर लिया गया है। महिला ने पुलिस पर गलत कार्रवाई का आरोप लगाया है, यह गलत है। मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी और विशेषज्ञों ने जांच भी की थी। -बद्रीनारायण मीणा, एसपी, बिलासपुर