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लिव इन रिलेशन में रहते हुए खुदकुशी के लिए उकसाया, याचिका खारिज

7 वर्ष पहले
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बिलासपुर. लिन इन रिलेशनशिप में रहते हुए खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोपियों की क्रिमिनल रिवीजन हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। दूसरी शादी के लिए युवती से जबरन स्टाम्प पेपर पर दस्तखत लिए गए थे। परेशान युवती ने खुदकुशी कर ली थी। मूल रूप से फतेहपुर जिला पटना, बिहार निवासी और वर्तमान में भिलाई के जवाहर नगर में रहने वाला शैलेष सिंह 25 वर्ष एक युवती के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहा था। बाद में उसने दूसरी लड़की से शादी करना तय किया। इसके लिए अपने रिश्तेदार राजकिशोर सिंह के साथ मिलकर अपने साथ रह रही युवती को सहमति देने के लिए दबाव डाला।
दोनों ने युवती से दबावपूर्वक स्टाम्प पेपर पर दस्तखत करवा लिए। इससे परेशान होकर युवती ने खुदकुशी कर ली। मामले में पुलिस ने दोनों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया था। चार्जशीट पेश होने के बाद राजनांदगांव की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 306/34 के तहत आरोप तय किया है। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन दाखिल की थी। इसमें बगैर किसी सबूत के आरोप तय करने को चुनौती दी गई। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने इस स्तर पर हस्तक्षेप से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
गवाही के आधार पर तय हुए आरोप
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि ट्रायल कोर्ट ने शोभित, तीज, विक्रम, जोगेश्वर ठाकुर, धरमिन बाई, विपुल कुमार हेमंत सेन सहित अन्य की गवाही के आधार पर जुर्म तय किया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रारंभिक तौर पर आरोपियों के खिलाफ मौजूद मटेरियल आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं।