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मां महामाया के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु , मांगी मनोकामनाएं

7 वर्ष पहले
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रतनपुर. बिलासपुर. शारदीय नवरात्रि पर्व की चतुर्थी व पंचमी तिथि को मां महामाया मंदिर में लगभग 2 लाख श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मत्था टेका। रविवार की चतुर्थी तिथि व सोमवार को पंचमी तिथि के अवसर पर सुबह 5 बजे से ही भक्तों के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया था जो देर रात तक जारी रहा। इस बीच मंदिर पहुंचने केे प्रथम द्वार मुख्य मार्ग से लेकर मंदिर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रही। इसे नियंत्रित करने व व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा।
नवरात्रि पर्व होने के कारण प्रतिदिन मां महामाया की प्रभात आरती में शामिल होने दूर - दूर से लोग रतनपुर पहुंचकर अपनी अभीष्ट की कामना करते हैं। जहां पर सूरज चढ़ने के साथ साथ दर्शनार्थियों की भीड़ बढ़ती जाती है। इस बार शारदीय नवरात्रि पर मां महामाया मंदिर रतनपुर में 29 हजार मनोकामना ज्योति प्रज्वलित किया गया है। इसमें 24400 तेल व 4600 घृत के ज्योति कलश श्रद्धालुओं द्वारा अपने विभिन्न मनौतियों को लेकर प्रज्जवलित करवाए हैं। मंदिर परिसर में भागवत पाठ, श्रीमद् देवी भागवत पुराण कथा शतचंडी यज्ञ व माता सेवा गीत प्रतियोगिता शुरु हुई। दर्शनार्थयों के लिए मंदिर के पट सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक खुले रहते हैं।
भैरव बाबा मंदिर में एक हजार ज्योतिकलश-नगर के प्रवेश द्वार पर स्थित काल भैरव के प्राचीन मंदिर में नवरात्रि के प्रथम दिन भैरव का अभिषेक किया गया। नवीन श्रृंगार कर षोडपोपचार व पूजा अर्चना के साथ मुख्य ज्योति के साथ तैल व घृत के एक हजार मनोकामना ज्योति कलश प्रज्जवलित किए गए हैं।
मंदिर के प्रबंधक व मुख्य पुजारी पं. जागेश्वर अवस्थी ने बताया कि नवरात्रि के नौ दिनों तक विशेष अनुष्ठान होंगे। रोज सुबह 6 बजे प्रभात आरती व शाम सात बजे महाआरती होगी। मंदिर के पट रात 12 बजे तक खुले रहेंगे। मंदिर में भक्तों के लिए दोपहर व रात में नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में मां दुर्गा की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। जहां रात में प्रतिदिन भजन एवं माता सेवा गीत का आयोजन किया जाता है।
आगे की स्लाइड में देखे मां महामाया की तस्वीर...