(फाइल फोटो)
मुंगेली / बिलासपुर। जिले में अवैध शराब बिक्री धड़ल्ले से जारी है। शराब ठेकेदार के पंडे चार पहिया वाहन में गांव-गांव तक कोचियों को शराब पहुंचाते हैं। संभ्रांत लोगों का दोपहर के बाद गांव की गलियों में निकलना दूभर हो गया है। कई बार गांव की महिलाओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर अवैध शराब बिक्री बंद करने की मांग करते हुए कोचियों पर कार्रवाई की मांग की, पर हालत सुधरी नहीं है।
गांव के कई परिवार शराब की लत के चलते बर्बादी के कगार तक पहुंच चुके हैं। एक ओर छत्तीसगढ़ सरकार नशामुक्त राज्य बनाने के लिए एक हजार से अधिक जनसंख्या वाले कस्बों व गांवों की शराब दुकानें बंद की जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर शासन की इस योजना से गांवों में शराब की अवैध बिक्री में इजाफा हुआ है।
ग्राम कंतेली के अश्विनी चंद्राकर, भरूवागुडा के अशोक यादव, दुल्लापुर सोनपुरी से बैसाखु राम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया शासन की एक रुपए किलो चावल योजना लागू होने के बाद अवैध शराब बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। 2012-13 में कई लाख रुपए की राजस्व प्राप्ति हुई थी। 2013-14 में यह लक्ष्य और बढ़ा। जब यह लक्ष्य पूरा हो गया तो 14-15 के लिए फिर से लक्ष्य बढ़ा दिया गया है। हर साल शराब दुकानों की संख्या में कमी होने की बावजूद राजस्व में तीन सालों में डेढ़ गुना बढ़ोतरी अवैध शराब बिक्री की ओर इशारा करती है। पर शासन ने अवैध शराब बिक्री से पीड़ित परिवारों के लिए कोई योजना नहीं बनाई है।
पजेशन लिमिट के कारण बढ़ती जा रही है परेशानी: जिला आबकारी अधिकारी विजय सेन शर्मा ने बताया शासन द्वारा पजेशन लिमिट ज्यादा रखने की वजह से कार्रवाई करने में परेशानी हो रही है। दो से पांच लीटर शराब जब्ती पर जमानती धारा व पांच लीटर से अधिक की जब्ती पर गैर जमानती धारा लगाई जाती है। ज्यादातर मामलाें में पांच लीटर से कम मात्रा के चलते कठोर कार्रवाई नहीं की जा सकती। पिछले 8 माह में 22 लोगों को जेल भेजा गया है, 140 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।