(अमर अग्रवाल ने मंगलवार रात शहर के छह भाजपा मंडलों व जोन प्रभारियों की बैठक बुलाई।)
बिलासपुर। नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस में टिकटों के लिए बेसब्री से इंतजार हो रहा है। वार्डों के नेता अपने नाम के बी फाॅर्म के लिए टकटकी लगाए हुए हैं तो बड़े नेताओं को मेयर टिकट केे लिए अपने नाम पर मुहर लगने की उम्मीद है। नामांकन के दो दिन गुजर चुकेे हैं, लेकिन "पहले आप...' की तर्ज पर दोनों दलों ने पत्ते नहीं खोले हैं। जिला भाजपा कार्यालय दिनभर वीरान रहने के बाद रात में एकाएक गुलजार हो गया। यहां जिला चयन समिति की अहम बैठक हुई। इधर, कांग्रेस के शहर, जिला से लेकर प्रदेश स्तर के नेताओं ने मंगलवार को नसबंदी कांड के विरोध में दिल्ली में पीएम कार्यालय का घेराव किया। शाम को सभी एआईसीसी दफ्तर में हुई चयन समिति की बैठक में चले गए।
ज्यों-ज्यों चुनाव करीब आ रहा है, टिकटों के लिए दोनों ही पार्टियों में खेमेबाजी खुलकर सामने आने लगी है। भाजपा में न्यायधानी में नगर निगम के मेयर और पार्षद टिकट के लिए दावेदारों की दौड़ नगरीय प्रशासन मंत्री व पार्टी के चुनाव संचालक अमर अग्रवाल के इर्द-गिर्द केंद्रित होकर रह गई है। वहीं निगम में शामिल बिल्हा के वार्ड-65 व 66 और बेलतरा के वार्ड-45 से 51 तक के वार्डों के पार्षद के टिकट के लिए दावेदार क्रमश: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक और विधायक बद्रीधर दीवान की परिक्रमा में जुटे हैं। भाजपा में नगर पंचायतों से लेकर नगर निगम तक के पार्षद और मेयर/ अध्यक्ष पद के टिकट 12 दिसंबर को घोषित होने हैं, इसलिए दावेदारों ने पैनलों में अपना नाम जुड़वाने की कोशिशें तेज कर दी हैं।
मेयर के लिए कांग्रेस के डाॅ. जायसवाल ने फाॅर्म खरीदा
स्थानीय नगर निगम के मेयर और 66 वार्डों के पार्षद पद के लिए नामांकन के दूसरे दिन भी कोई नामांकन दर्ज नहीं हुआ। मंगलवार को पार्षद पद के लिए 80 लोगों ने फाॅर्म खरीदे। मेयर के पद के लिए कांग्रेस से डाॅ. बद्री जायसवाल के नाम से फाॅर्म खरीदा गया। सोमवार को तीन और दावेदारों ने नामांकन फाॅर्म लिए थे।
टिकटों के लिए दोनों दलों में हो रहा बेसब्री से इंतजार
रिजर्व वार्डों के दावेदारों से मांगे सर्टिफिकेट
अमर अग्रवाल ने मंगलवार रात शहर के छह भाजपा मंडलों व जोन प्रभारियों की बैठक बुलाई। इसमें देर रात रणनीति पर मंथन चला। खबर है कि पैनलों में फाइनल होने वाले आरक्षित वर्ग के प्रत्याशियों को जाति के स्थाई प्रमाण-पत्र की कॉपी जमा करने कहा गया है। ऐसा आरक्षित वर्ग के दावेदारों को टिकट मिलने के बाद होने वाली परेशानियों से बचाने किया जा रहा है। कहा गया है कि चुनाव नामांकन के साथ इस बार जाति के स्थाई प्रमाण-पत्र जमा करने होंगे। कुछ रसूखदार कार्यकर्ताओं ने जाति के अस्थाई प्रमाण-पत्र के बल पर आरक्षित वार्डों के लिए अपना नाम पैनल में जुड़वा लिया है, लेकिन उनके पास स्थाई प्रमाण-पत्र नहीं है। ऐसे लोगों में मेयर के एक और पार्षद पद के कई दावेदार शामिल हैं।
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