लोरमी. बिलासपुर. स्वास्थ्य विभाग की एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को 33 माह से वेतन नहीं मिल रहा है। इसका कारण जीपीएफ नंबर में गलती बताई जा रही है। जबकि जीपीएफ नंबर एक माह पहले ठीक किया जा चुका है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से भी कर चुकी है। फिर भी उसे वेतन नहीं दिया जा रहा है।
उपस्वास्थ्य केंद्र पेण्ड्री तालाब-एच में सरोजबाला जायसवाल को 21 मई 93 की नियुक्ति के समय सामान्य भविष्यनिधि नंबर मिला। इस आधार पर उसे वेतन दिया जाता रहा। दिसंबर 2011 में इस नंबर में गलती होना बताकर वेतन देना बंद कर दिया गया। आज 33 माह बाद भी उसे वेतन नहीं दिया जा रहा है। सरोज के पिता रिटायर्ड फार्मासिस्ट नाथू बाबू जायसवाल ने विभागीय अधिकारी-कर्मियों की शिकायत अपर सचिव लोक स्वास्थ्य, आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं, उपसंचालक जनस्वास्थ्य सेवा रायपुर, संयुक्त संचालक, राज्यपाल व सीएमओ से की। पर समस्या का निराकरण नहीं हुआ। सरोज ने नए जीपी नंबर के लिए पत्र लिखा। एक माह पहले महालेखाकार रायपुर से जीपीएफ सीएम 604402 आवंंटित किया जा चुका है। फिर भी वेतन नहीं दिया जा रहा है।
पहले भी रोका था वेतन
पहले भी स्वास्थ्य विभाग ने सरोजबाला का 17 माह का वेतन रोका था। तत्कालीन सीएमओ बिलासपुर को शिकायत करने पर वेतन भुगतान किया गया। सरोज ने बताया अप्रैल 7 व अक्टूबर 8 का वेतन नहीं मिला, जबकि रिकार्ड में वेतन भुगतान बताया जा रहा है।
वेतन नहीं रुकना चाहिए
कर्मियों का वेतन नहीं रुकना चाहिए। छोटे कर्मचारियों का 33 माह से वेतन रुकना गंभीर बात है। यह प्रकरण संज्ञान में भी नहीं था। जो तकनीकी समस्या है उसे दूर किया जाएगा। - डाॅ. संतोष बघेल, सीएमओ-मुंगेली
कर्मचारी को वेतन नहीं मिलने के प्रकरण की जानकारी नहीं है, क्योंकि हाल ही में बीएमओ का प्रभार लिया है। इस प्रकरण की जानकारी लेता हूं। - डाॅ. जीएस दाऊ, बीएमओ-लोरमी