बिलासपुर। हाईकोर्ट के आस-पास अब एक-दो नहीं, बल्कि पांच किलोमीटर के दायरे को नो साउंड पॉल्यूशन जोन घोषित किया गया है। इस दायरे आने में आने वाले करीब आठ गांवों में लोग तेज आवाज में लाउड स्पीकर या बाजा-गाजा नहीं बजा सकेंगे।
गांवों में आए दिन सामाजिक, सांस्कृतिक आयोजन होते रहते हैं। इनकी आवाज दूर तक सुनाई देती है। इससे न सिर्फ हाईकोर्ट, बल्कि जजेस कॉलोनी व स्टाफ क्वार्टर्स में रहने वाले परेशान होते हैं। इधर, प्रशासन के आदेश का पालन करवाने में पुलिस को पसीना बहाना पड़ सकता है।
जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम ने नो पॉल्यूशन जोन की घोषणा करते हुए आदेश जारी किया है। इस आदेश से पुलिस प्रशासन की नींद हराम हो गई है। दरअसल, आस-पास के गांवों में आए दिन सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजन होते रहते हैं।
ढाबों में भी तेज आवाज में गाने बजते हैं। हाल ही में जज बंगले से पुलिस अफसरों को रात में तेज शोर की शिकायत आई थी, तब कलेक्टर व एसपी समेत अमले को दौड़ लगानी पड़ी थी। इधर, शोरगुल बंद करवाने को ग्रामीण अपनी स्वतंत्रता का हनन मानते हैं और इसका विरोध करते हैं। कुछ महीने पहले शोरगुल बंद करवाने पहुंची पुलिस को बंधक बना लिया गया था।
जिला प्रशासन के ताजा आदेश के मुताबिक हाईकोर्ट के आस-पास पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में अब चौबीसों घंटे ध्वनि विस्तारक यंत्र नहीं बजाया जा सकेगा।
आए दिन होने वाले शोरगुल को देखते हुए इसे प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से एसडीएम ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश की काॅपी संबंधित थाने को भेजी गई है। पुलिस की परेशानी इससे और बढ़ गई है। पहले पुलिस ने खुद दो किलोमीटर का दायरा तय किया था। इसमें भी आए दिन वह गांवों के लोगों को समझाने-बुझाने के लिए जूझती रहती थी। अब नियम के दायरे में आने वाले गांवों की संख्या में बढ़कर दर्जनभर हो गई है। पुलिस ने इस पर अमल करने के लिए पहले समझाइश देना शुरू किया है। नो पॉल्यूशन जोन में जो गांव आएंगे, उनमें छतौना, कड़ार, बोदरी, रहंगी, काया, परसदा, मेंड्रा, अचानकपुर, चकरभाठा, अमसेना आदि शामिल हैं।
सुको के आदेश का हवाला
पुलिस को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना न करना पड़े, इसके लिए ग्रामीणों को तरह-तरह से समझाइश दी जा रही है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पाबंदी के पीछे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया जा रहा है। इसके बाद भी ग्रामीण नहीं माने तो कोलाहल अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी जा रही है।