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स्पॉट बिलिंग: नौसिखिए कर रहे हैं मीटर की रीडिंग, कार्यालयों में शिकायतों का अंबार

7 वर्ष पहले
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बिलासपुर. आधी-अधूरी तैयारी के साथ बिजली विभाग ने ठेके पर स्पॉट बिलिंग क्या शुुरू करवाई, उपभोक्ताओं के जी का जंजाल हो गया। खपत से दोगुना बिल थमाया जा रहा है। जानकार कह रहे हैं कि सिर्फ 50 फीसदी उपभोक्ताओं के यहां रीडिंग हो रही है, बाकी 50 फीसदी को अनुमान से बिल भेजे जा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि शहर के छह जोन में हर महीने 3000 से 3500 बिल करेक्शन यानी सुधार के लिए आ रहे हैं। ठेका सिस्टम से रीडिंग के लिए पहले ही पर्याप्त मशीनें नहीं थीं, इनमें से भी करीब 40 बिगड़ गई हैं।

कुछ महीने पहले शहर में स्पॉट बिलिंग सिस्टम की खामियों के चलते पुराने टेंडर निरस्त कर दिए गए थे। दोबारा हुए ठेके में भी गड़बड़ियां बरकरार हैं। अनट्रेंड कर्मचारी रखे गए हैं। रीडिंग बगैर ही स्पॉट बिलिंग करने वाले लौट आते हैं। कितने उपभोक्ताओं के यहां रीडिंग नहीं हो पाई, इसकी सूचना भी विभाग को नहीं दी जाती। ऐसे में बाकी उपभोक्ताओं के यहां रीडिंग करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में अनुमानित बिल भेज दिया जाता है। स्पॉट बिलिंग के ठेकेदार व्यवस्था सही करने का दावा करते हैं, लेकिन हालात ठीक उलट हैं।

शहर में व्यवस्था बेपटरी हुई, ग्रामीण क्षेत्रों में भी शुरुआत

शहर में कई तरह की खामियाें के बावजूद गांवों में यह सिस्टम शुरू कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशान होना पड़ रहा है। उन्हें बिल करेक्शन के लिए संबंधित क्षेत्र के वितरण संभाग दफ्तर तक दौड़ लगानी पड़ती है।
गलत बिल मिले तो यहां करें आवेदन

बिजली बिल में गड़बड़ी होने पर उपभोक्ता संबंधित जोन कार्यालय में आवेदन देें। इसके लिए सादे कागज पर सहायक यंत्री के नाम से आवेदन बनाएं। इसमें अपने घर के मीटर की पिछली रीडिंग बताते हुए संबंधित गड़बड़ी की जानकारी दें। आवेदन में उपभोक्ता क्रमांक का उल्लेख भी करें।
खामियां जिन्हें दूर करने जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

- उपभोक्ताओं की संख्या और जरूरत के अनुसार रीडिंग के लिए डिवाइस नहीं हैं।
- रीडिंग के लिए जो डिवाइस मिले हैं, उनकी क्वाॅलिटी सही नहीं है।
- मीटर रीडर्स की कमी है। जो हैं वे ट्रेंड नहीं हैं। नौसिखियों से रीडिंग करवाई जा रही है।
- रीडिंग का टारगेट पूरा नहीं करते। शेष बचे उपभोक्ताओं की जानकारी विभाग को भी नहीं देते।
- रीडिंग में डिजिट की चूक से भी बिल की राशि में फर्क आ जाता है।
आंकड़े बता रहे हैं लापरवाही की इंतेहा
तोरवा जोन 700 प्रति माह
दयालबंद जोन 600 प्रति माह
सिरगिट्टी जोन 550 प्रति माह
गोल बाजार जोन 400 प्रति माह
सरकंडा जोन 500 प्रति माह
नेहरू नगर जोन 500 प्रति माह
कुल 3250
स्पॉप्ट बिलिंग के कुछ ऐसे मामले भी...

केस 1 : लिख दिया-"डोर बंद है'

नेहरू नगर जोन के उपभोक्ता नवीन तिवारी को तीन महीने का बिल एक साथ मिला। वे बिल स्टेटस निकलवाने आए थे। आश्चर्य हुआ कि तीन महीने से रीडिंग करने कोई आया ही नहीं और स्टेटस में "डोर बंद है' लिख दिया। जबकि मीटर दरवाजे के बाहर लगा हुआ है। उन्होंने मामला कंज्यूमर फोरम में दायर कर दिया है।
केस 2 : तीन महीने से बिल नहीं
नेहरू नगर के चंद्रमोहन शर्मा परेशान हैं कि पिछले तीन माह से मीटर की रीडिंग नहीं हो रही है। वे खुद अपना बिल निकलवाने के लिए आॅफिस पहुंचे, ताकि समय पर भुगतान कर सकें। वे कहते हैं, समय पर बिल देने की जिम्मेदारी विभाग की है, फिर भी लोगों को जानकारी लेने व भुगतान के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
केस 3 : बिना रीडिंग भेजा बिल
मंगला निवासी मोहम्मद सादिक के यहां जुलाई में 3500 रुपए का बिजली बिल आया था। पूरी राशि का भुगतान करने के बाद अगस्त का बिल फिर से 4000 रुपए आया है। समझ में नहीं आ रहा है कि इतने का बिल कैसे आ गया। वे बताते हैं कि मीटर रीडिंग के लिए लंबे समय से कोई नहीं आया है।
फिर भी कार्यपालन यंत्री कह रहे, सब-कुछ ठीक है...

पूर्वी डिवीजन के कार्यपालन यंत्री एनके राय का कहना है कि वर्तमान में स्पॉट बिलिंग में कोई अनियमितता नहींं है। पूर्व में विभागीय बिलिंग में ऐसे मामले सामने आए थे। विभाग के कर्मचारी, अधिकारियों के यहां भी आम उपभोक्ताओं की तरह गलत बिल पहुंच जाते थे। स्पॉट बिलिंग शुरू होने के बाद फिलहाल ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
सीधी बात : "मशीनें खराब हैं... और मंगवाई जा रही हैं"- डीके भोजक, अधीक्षण यंत्री, सिटी सर्किल, बिजली विभाग
- मीटरों की नियमित रीडिंग हो रही है या नहीं, इसकी आप लोग सतत् मॉनिटरिंग नहीं कर रहे है?
नियमित रीडिंग की जा रही है। स्पॉट बिलिंग से बची हुई रीडिंग विभाग खुद करवाता है।
- इस सिस्टम में क्या खामियां सामने आई हैं?

मशीनें खराब हो गई हैं। 50 मशीनों की रिक्वाॅयरमेंट मुख्यालय को भेजी गई है।

- ठेका कंपनी के काम में कसावट क्यों नहीं लाई जाती?

ठेकेदार के काम में कसावट लाई जाएगी।
- मशीनें तो हमें सीएसईबी प्रोवाइड करवाता है