बिलासपुर। नसबंदी कांड की जांच के लिए महावर दवा कंपनी के संचालकों को रायपुर लेकर गई जांच टीम खाली हाथ लौट आई। दवा फैक्टरी सील है। पुलिस को यहां जाकर जांच करनी थी, लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर चाबी लेकर गायब है। पुलिस दिनभर उसकी पतासाजी करती रही। उसने फोन तक रिसीव नहीं किया। ऐसे में पंडरी पुलिस से बयान की कॉपी लेकर टीम वापस चली आई।
नसबंदी कांड में जहरीली सिप्रोसिन दवा बनाने वाली कंपनी के संचालक रमेश महावर व उसके बेटे सुमीत महावर को बिल्हा कोर्ट ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर चकरभाठा पुलिस को सौंपा है। उनसे दवा बनाने और सप्लाई करने के बारे में पूछताछ की जा रही है। रविवार को दोनों को लेकर चकरभाठा पुलिस रायपुर के पंडरी गई। यहां पुलिस टीम को फैक्टरी की जांच करनी थी।
आरोपी बाप-बेटे को लेकर पुलिस वहां पहुंची। फैक्टरी को फूड एंड ड्रग सेफ्टी विभाग ने सील कर रखा है। पुलिस जांच के लिए उसे खुलवाना चाहती थी। चाबी ड्रग इंस्पेक्टर तृप्ति जैन के पास है। पुलिस दिनभर उससे संपर्क करने के प्रयास में रही, लेकिन
मोबाइल रिसीव नहीं किया गया। पंडरी थाने की पुलिस ने आवास की जानकारी लेने की कोशिश भी की, लेकिन पता नहीं चला। ऐसे में चकरभाठा पुलिस को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। पंडरी पुलिस ने पहले ही इन दोनों आरोपियों का बयान दर्ज किया था। चकरभाठा पुलिस ने थाने से दोनों के बयान की काॅपी हासिल की, फिर शाम को लौट आई।