बिलासपुर. सड़क किनारे बाइक खड़ी करने के विवाद पर मस्तूरी में एक सिपाही को कमरे में बंद कर बेल्ट और लात-घूंसों से पीटा गया। पीड़ित सिपाही सरकंडा थाने में पदस्थ है और उसका भाई कोरबा में डीएसपी है। घटना के दौरान वह धान के बोनस की रकम लेने मस्तूरी के सहकारी बैंक गया था। उसने मस्तूरी थाने में घटना की लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। फिलहाल जुर्म दर्ज नहीं किया गया है।
मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम गतौरा निवासी संतोष राठौर पिता समेलाल राठौर (26 वर्ष) जिला पुलिस में सिपाही है। वर्तमान में वह सरकंडा थाने में पदस्थ है। मंगलवार को अपने गांव गया हुआ था। वहां से धान के बोनस की रकम लेने के लिए मस्तूरी के सहकारी बैंक चला गया। वह बाइक से मस्तूरी पहुंचा था। यहां सहकारी बैंक के बाहर बाइक खड़ी कर रकम लेने के लिए लाइन पर खड़ा था। इसी बीच रास्ते से मस्तूरी निवासी तामेश सिंह ठाकुर साथियों के साथ स्काॅर्पियो में गुजरा। बैंक के सामने सिपाही की बाइक खड़ी थी। तामेश ने इस पर एतराज जताते हुए सिपाही से गाली-गलौज शुरू कर दी।
मना करने पर वह भड़क गया और गाड़ी में सवार अपने एक अन्य साथी के साथ उसे स्काॅर्पियो में बिठाकर अपने दफ्तर ले गया। यहां उसे कमरे में बद कर अन्य साथियों के साथ उसकी पिटाई शुरू कर दी। उसे बेल्ट तथा लात, घूसों से जमकर पीटा गया। सिपाही किसी तरह वहां से बचकर भागा। वह सीधे मस्तूरी थाना पहुंचा और अपने बड़े भाई किशन राठौर को फोन कर घटना की जानकारी दी। किशन राठौर कोरबा में डीएसपी हैं। जानकारी मिलने पर वे मस्तूरी पहुंचे। सिपाही ने थाने में लिखित में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने उसका मुलाहिजा करवाया। शिकायत में लूट-पाट का भी आरोप है। पुलिस ने फिलहाल जुर्म दर्ज नहीं किया है।