बिलासपुर। शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में संदिग्ध रूप से आए दिन चोरियां हो रही हैं। संदिग्ध इसलिए कि कई क्विंटल राशन की चोरी होती है, जिसे ले जाने के लिए मालवाहक वाहनों की जरूरत होगी और हम्माल भी चाहिए। अगर सचमुच चोरी हो रही है तो यह दुकान संचालक या चौकीदार की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। कार्डधारियों का अनाज दुकानों में सुरक्षित नहीं है तो खाद्य विभाग को इसका बीमा करवाना चाहिए।
जिले में करीब 750 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में से अधिकांश का संचालन सहकारी समितियों द्वारा किया जा रहा है। कुछ दुकानें महिला स्व सहायता समूह तो कुछ ग्राम पंचायतें चला रही हैं। दुकान चाहे जो चलाए लेकिन बड़ी संख्या में राशन की हेरा-फेरी व गड़बड़ियां आम बात है। अक्सर कार्डधारी चावल व गेहूं नहीं दिए जाने, घटिया स्तर का अनाज देने, हर माह अनाज नहीं मिलने, घासलेट और शक्कर को मार्केट में खपाने की शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंचती है। राशन की हेरा-फेरी के लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं। राशन दुकानों में होने वाली चोरी को भी इनमें से एक तरीका माना जाता है। हालांकि दुकानदार हो या संचालक, दुकान में चोरी को वास्तविक बताते हुए खाद्य विभाग में घटना की शिकायत और थाने में अज्ञात चोर के खिलाफ एफआईआर भी करवाते हैं। अक्सर राशन की चोरी को संदेह की नजर से देखा जाता है। जनता का आरोप है कि दुकानदार खाद्यान्न को मार्केट में बेच देते हैं और चोरी होने की झूठी शिकायत करते हैं। दुकानदार एफआईआर करवाने के बाद पुलिस पर चोरों को नहीं पकड़ने का आरोप लगाते हैं। इस तरह के मामलों में नुकसान कार्डधारियों को होता है, क्योंकि शासन दोबारा खाद्यान्न नहीं देता। यानी कार्डधारियों को उस माह या तो राशन नहीं मिलता या फिर कम मिलता है।
आए दिन राशन दुकानों में हो रही हैं घटनाएं, दुकानदारों की मिलीभगत की आशंका
खैरा में दूसरे माह भी हो गई चोरी
अगस्त में रतनपुर इलाके के ग्राम खैरा में 22 बोरी चावल और चार बोरी शक्कर चोरी हो गई थी। तब ग्रामीणों ने सेल्समैन पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था। अभी विवाद थमा भी नहीं था कि 9 सितंबर को फिर वहां 40 बोरी चावल और तीन बोरी शक्कर की चोरी हो गई। मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई गई है। सेल्समैन नरेंद्र जायसवाल खुद पर लगे आरोप को निराधार बताते हुए पुलिस को कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
चौकीदार के बावजूद हो गई चोरी
13 जुलाई को बिलासपुर-तखतपुर रोड पर स्थित खम्हरिया में 46 बोरी चावल, पांच बोरी शक्कर और तीन बोरी गेहूं के साथ ही दो बोरी चोरी हो गईं। चौकीदार के बावजूद गोदाम के शटर का ताला टूटा। चौकीदार ने घटना की सूचना ग्रामीणों को दी। सेल्समैन राममनोहर कौशिक भी वहां पहुंचा। उसने गोदाम में तलाशी ली तो पता चला कि बोरियों में रखा राशन गायब है। पुलिस ने रिपोर्ट पर अपराध दर्ज तो कर लिया है, लेकिन मामले को संदिग्ध माना गया।
बीमा की पहल हुई, लेकिन मुख्यालय ने ध्यान नहीं दिया
लगातार चोरियों से सवाल उठता है कि अगर राशन दुकानों में कार्डधारियों को देने के लिए रखा गया खाद्यान्न सुरक्षित नहीं है तो उसका बीमा क्यों नहीं करवाया जाता। स्थानीय अधिकारियों ने इसके लिए प्रयास भी किया, लेकिन खाद्य संचालनालय ने रुचि नहीं ली। पीडीएस का चावल बाजार में खपने की शिकायत लगातार खाद्य विभाग को मिलती है, लेकिन संबंधित के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। फूड कंट्रोलर ने आज तक जांच करवाना भी जरूरी नहीं समझा। अगर व्यापार विहार में ही ईमानदारी से जांच करवा ली जाए तो पीडीएस का चावल बेचने के कुछ बड़े मामले हाथ लग सकते हैं।
इन दुकानों में हुई चोरियां
बीते दिनों रमतला में 9 क्विंटल चावल, चार-चार क्विंटल गेहूं, शक्कर व दाल की चोरी हो गई। तखतपुर इलाके के गनियारी, खम्हरिया, पांड़ सहित आधा दर्जन से ज्यादा शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। हिर्री थाना क्षेत्र के ग्राम सागर जुलाई में गोदाम में रखा 25 बोरी चावल, 10 बोरा शक्कर, 10 बोरी दाल, 10 बोरी गेहूं समेत बड़ी मात्रा में राशन सामग्री चोरी हो गई थी। बताया जा रहा है कि बीते 10 जुलाई को राशन सामग्री पहुंची थी। इसके बाद से यहां ताला नहीं खुला था।
मार्केट में खपता है राशन दुकानों का चावल
मार्केट में राशन दुकान का चावल खपता है। समय-समय पर इसका खुलासा भी होता रहा है। अब पिछले साल 20 नवंबर 2013 को सकरी चौकी पुलिस की कार्रवाई को ही लें। पुलिस ने आॅटो क्रमांक सीजी 10 सी-4730 से 20 छोटी बोरियों में 9.50 क्विंटल चावल जब्त किया। ऑटो चालक अशोक कुमार साहू ने पूछताछ में चावल पेंडारी राशन दुकान के सेल्समैन भागवत प्रसाद खांडे द्वारा व्यापार विहार भेजा जाना बताया। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 3, 7 पीसी एक्ट के तहत जुर्म दर्ज किया गया।
बीमा के लिए आला अफसरों से चर्चा करेंगे
दुकान में चोरी की शिकायतें मिलती रही हैं। मुझे भी लगता है कि अगर कोई अड़चन नहीं है तो दुकानों में राशन का बीमा होना चाहिए। इस संबंध में आला अफसरों से चर्चा की जाएगी। पुलिस को चोरी के मामले की गंभीरता से पड़ताल कर दोषी का पता लगाना चाहिए। अगर दुकानदार दोषी मिलते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
जीएस पैकरा, फूड कंट्रोलर