पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Reservation Of 66 To 22 Wards Of The City

शहर के 66 वार्डों का आरक्षण 22 को, दावेदारों की नजरें टिकीं

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बिलासपुर. न्यायधानी बिलासपुर के नगर निगम के वार्डों का आरक्षण 22 सितंबर को कलेक्टोरेट में होगा। शासन ने निगम समेत जिले के दर्जनभर निकायों में आरक्षण के लिए तारीख तय कर दी है। पार्षद चुनाव के लिए दावेदारों की नजरें वार्डों के आरक्षण पर टिकी हैं। एक तरह से मौजूदा पार्षदों का भविष्य आरक्षण में होने वाले बदलाव के आधार पर तय होगा। मसलन, वार्ड के मौजूदा स्टेटस में बदलाव होने पर पार्षद की उस वार्ड के लिए पात्रता प्रभावित होगी। उसे पड़ोस के सुरक्षित वार्ड की तलाश करनी होगी। इसी तरह महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के कारण अगर सिटिंग पार्षद का वार्ड महिला के खाते में गया तो परिवार की किसी महिला सदस्य को चुनाव लड़ाने की जुगत में लगना होगा।
प्रदेश में नगरीय निकायों के चुनाव दिसंबर में होने हैं। निगम के मेयर पद का आरक्षण पिछड़ा वर्ग के लिए हो चुका है। इसके बाद पार्षद और इस पद के दावेदार वार्डों के आरक्षण की तारीख तय होने का इंतजार कर रहे थे। मौजूदा पार्षद सहित चुनाव में अपना भाग्य आजमाने के लिए बेचैन दावेदारों के लिए पहली बाधा आरक्षण की ही है। आरक्षण में अपना वार्ड मनमाफिक रहा तो दावेदारों को दलीय आधार पर चुनावी टिकट के लिए दिग्गज नेताओं की परिक्रमा में जुटना होगा। 55 वार्डों वाले स्थानीय नगर निगम में परिसीमन के आधार पर वार्डों की संख्या बढ़ाकर 66 कर दी गई है। जाहिर है कि इस बार पहले की तुलना में 11 अधिक वार्डों में चुनावी जोर आजमाइश का अवसर दावेदारों को मिलेगा।
बिलासपुर सहित इन निकायों में होगा आरक्षण
22 सितंबर को जिन निकायों के वार्डों का आरक्षण होना है, उनमें नगर निगम बिलासपुर, नगर पालिका रतनपुर, तखतपुर व तिफरा, नगर पंचायत बिल्हा, मल्हार, सिरगिट्टी, बोदरी, सकरी, कोटा, पेण्ड्रा व गौरेला शामिल हैं। अजा, जजा, अन्य पिछड़ा वर्ग व महिलाओं के लिए वार्ड तय होंंगे। प्रक्रिया 22 सितंबर को दोपहर 12.30 बजे कलेक्टोरेट के मंथन सभाकक्ष में पूरी होगी।
चिट से तय करेंगे, कौन सा वार्ड किस वर्ग के लिए
एडीशनल कलेक्टर नीलकंठ टेकाम ने बताया, वार्डों का आरक्षण निर्धारित फाॅर्मूले से चिट निकालकर किया जाएगा। इसके लिए जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर आरक्षित पदों की संख्या निकाली जाएगी। 33 फीसदी आरक्षण महिलाओं के लिए और इसके बाद अजा, जजा व पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण किया जाएगा। प्रक्रिया आम जनता की मौजूदगी में पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएगी।