रायपुर. कौन बनेगा महाकरोड़पति के आयोजन के दौरान मनमानी करने वाले
सोनी प्रबंधन इंडोर स्टेडियम के किराए और वुडन फ्लोर को होने वाले नुकसान के मुद्दे पर मुसीबत में पड़ गया है। निगम ने सोमवार को सुबह स्टेडियम में
सोनी का सामान जब्त कर चार लाख बकाया किराया वसूला। बाद में शिकायत मिली कि स्टेडियम में वुडन फ्लोर समेत कई जगह नुकसान पहुंचा है तो मेयर के निर्देश पर अफसरों ने स्टेडियम के गेट पर ताला जड़ दिया। नुकसान का आंकलन करने के बाद निगम ने टीवी कंपनी पर 12 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
महापौर किरणमयी नायक ने साफ किया है कि सोनी टीवी प्रबंधन जब तक जुर्माना अदा नहीं करेगा, स्टेडियम का ताला नहीं खुलेगा और कंपनी को सेट वापस नहीं ले जाने दिया जाएगा।
कुछ निगम अफसरों के मुताबिक
केबीसी का स्टेज बनाने के लिए सोनी प्रबंधन ने वुडन फ्लोर पर बड़ी-बड़ी लोहे की कीलें ठोंकी हैं। इन्हें ठोंकने से पूरे फ्लोर की पॉलिश खराब हुई है। जब उन्हें निकाला जाएगा तो फ्लोर को बड़ा नुकसान होगा। इस आशंका से निगम अफसरों ने सोमवार की शाम इंजीनियरों से नुकसान का आंकलन करवाया। इस आधार पर सोमवार शाम सात बजे 12 लाख रुपए का नोटिस इवेंट कंपनी के अफसरों को दिया गया। नोटिस मिलने के बाद इवेंट कंपनी के अफसर सकते में आ गए।
वे तुरंत निगम कमिश्नर अवनीश कुमार शरण के दफ्तर पहुंचे। प्रबंधकों ने काफी देर तक यह बताने का प्रयास किया कि इस आयोजन से इतना नुकसान नहीं हुआ। लेकिन कमिश्नर ने उनके तर्क को खारिज करते हुए जुर्माने की रकम कम नहीं की। जोन-7 के अफसरों को उन्होंने यह भी कहा कि जुर्माना अदा होने के बाद ही ताला खोला जाए।
इवेंट कंपनी का खेल?
नगर निगम के अफसरों ने बताया कि इस बात का खुलासा सोमवार को हुआ कि सोनी टीवी और केबीसी के नाम पर मुंबई की एक इवेंट इंटरटेनमेंट कंपनी ने पूरा तिकड़म किया। इस कंपनी के तीन लोगों ने सोनी टीवी और केबीसी से शो कराने का एक तरह से ठेका ले लिया। केबीसी के आयोजकों से इस आयोजन के लिए पूरे पैसे वसूले गए। इसके बाद इवेंट कंपनी की रणनीति ये थी कि केबीसी और अमिताभ का नाम सामने करके राज्य और जिले की एजेंसियों से सारा काम मुफ्त में कराया जाए। इसके लिए कंपनी के अफसर शासन के आला अधिकारियों से लगातार मिल रहे थे। लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
सख्ती से आयोजकों में हड़कंप
सोमवार को सुबह 6 बजे नगर निगम प्रशासन ने स्टेडियम के भीतर हिस्से वाले दरवाजे में लगा दिया। जोन सात के ईई संतोष पांडे खुद पहुंचे। इससे सोनी प्रबंधन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सोनी टीवी के अफसर सुबह 11 बजे निगम के दफ्तर पहुंचे तो कमिश्नर अवनीश कुमार शरण ने बकाया किराए की वसूली पर सख्त रवैया अपना लिया। कमिश्नर के तेवर देखकर आयोजकों ने तत्काल निगम के एकाउंट में आरटीजीएस (निगम के खाते में पैसे जमा करने की विशेष प्रक्रिया) करके सात लाख रुपए जमा किए। इसके बाद सामान समेटने की अनुमति तो मिली, लेकिन गेट लॉक हो गया।
भुगतान का आज वादा
- सोनी टीवी और केबीसी का सेट जब्त करने के आदेश रविवार को कर दिए थे। यह भी पता चला कि सेट लगाने से स्टेडियम की वुडन फ्लोरिंग डैमेज हो गई है। इसीलिए तय हुआ कि जितना नुकसान हो चुका है, उसके पूरे पैसे वसूलने के बाद ही कंपनी को सामान दिया जाएगा। -किरणमयी नायक,महापौर
- इवेंट कंपनी ने आज पैसे देने का वादा किया है। उसे 12 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति का डीटेल दिया गया है। जुर्माना अदा करने के बाद ही कंपनी स्टेडियम से सामान ले जा सकेगी।
अवनीश कुमार शरण, कमिश्नर, नगर निगम
आगे की स्लाइड में देखिए केबीसी के सेट के जब्त होने की तस्वीरें...