बिलासपुर. सीपत-बलौदा-कोरबा सड़क का मजबूतीकरण व डामरीकरण केंद्रीय सड़क निधि योजना के तहत किया गया है। सड़क के निर्माण में कंस्ट्रक्शन कंपनी ने ढेर सारी गड़बड़ियां की है। इनका खुलासा सड़क निर्माण के समय पदस्थ रहे सब इंजीनियर ने पीडब्ल्यूडी मंत्री को भेजे पत्र में किया है। यह भी कहा है कि इन अनियमितताओं का विराेध करने पर उनसे चार्ज वापस लेकर कंपनी को भुगतान कर दिया गया।
सीपत-बलौदा-कोरबा सड़क में किलोमीटर-1 सीपत से 15वें किलोमीटर तक मजबूतीकरण और डामरीकरण का काम बिजुरी अनूपपुर की मेसर्स श्रीराम कंस्ट्रक्शन कंपनी ने किया है। सब इंजीनियर रवि कुमार क्षत्रिय ने पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत को दिए पत्र में कहा है कि इस सड़क पर पुल-पुलिया के अलावा नाली का निर्माण होना था। दोनों ओर पड़ने वाले गांव गुड़ी, हिंडाडीह, खाड़ा, धनिया, खम्हरिया व कुली में 5094 मीटर नाली बननी थी। इसकी एसओआर दर 3,094 रुपए प्रति मीटर है और कंपनी ने 300 रुपए प्रति मीटर की दर दी। इसके बाद भी सिर्फ 478 मीटर नाली बनवाई है। इसके अलावा कंपनी को एक मीटर के स्पाॅन के 40 स्लैब कल्वर्ट बनाने थे, लेकिन 24 ह्यूम पाइप कल्वर्ट बना दिए गए। सब इंजीनियर ने कहा है कि उन्होंने और एसडीओ ममता पटेल ने साइट आॅर्डर बुक में इसका उल्लेख किया है।
दो मध्यम पुल बनने थे, लेकिन कंपनी ने लेआउट लेने के बाद भी काम शुरू नहीं किया। इसकी वजह यह थी कि कंपनी ने स्टील की दर 12 हजार रुपए प्रति टन डाली थी। इससे नुकसान अधिक होने की आशंका थी। लगातार विरोध के बाद भी कंपनी को भुगतान कर दिया गया। 16 जून 2014 को उनकी जगह एससी पांडेय उप अभियंता को प्रभार सौंप दिया गया। इसमें सब इंजीनियर ने पत्र क्रमांक-1 का हवाला दिया है। सब इंजीनियर रवि ने मंत्री को बताया है कि उनसे प्रभार लेने के बाद एसडीओ ममता पटेल व सब इंजीनियर एससी पांडेय ने ह्यूम पाइप कल्वर्ट की जानकारी माप पुस्तिका में दर्ज कर 19वें बिल से भुगतान करवाया है।